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2030 तक देश में 40 फीसदी होगी अक्षय ऊर्जा--प्रकाश जावड़ेकर
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2030 तक देश में 40 फीसदी होगी अक्षय ऊर्जा : प्रकाश जावडेकर
ग्रेटर नोएडा। 2030 तक देश में कुल ऊर्जा का 40 फीसदी हिस्सा अक्षय ऊर्जा होगा। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के मरुस्थलीकरण से सामना मुद्दे पर कॉप-14 अध्यक्ष और भारत के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन संरक्षण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद और कार्यकारी सचिव यूएनसीसीडी इब्राहिम थियाव ने मरुस्थलीकरण से बचाव के लिए देशों से गंभीर कदम उठाने को कहा। वहीं, प्रकाश जावडेकर ने एक प्रश्न पर सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्लास्टिक से स्वेच्छा से दूरी बनाने की बात कही है न कि प्लास्टिक उत्पादों पर बैन लगाने की। वहीं, 1.3 करोड़ से बढ़ाकर 2.1 करोड़ हेक्टेयर बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मरुस्थलीकरण से संघर्ष के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम में देहरादून में सेंटर फॉर एक्सीलेंस केंद्र जल्द से जल्द बनाने की बात को आगे बढ़ाया। साथ ही कहा कि इस केंद्र का फायदा अन्य देशों को दिया जाएगा।
रोजगार और अधिकार देने से रुकेगा पलायन : अमीना जे मोहम्मद
संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पलायन रोकने के लिए सभी देशों को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। विश्व में भूमि की उर्वरता कम होने और मरुस्थलीकरण बढ़ने से बड़ी संख्या में पलायन शुरू हो रहा है। अभी कदम नहीं उठाए को विश्व की दो तिहाई आबादी 20 वर्षों में सूखे और बंजर होती भूमि से ग्रसित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वन और वन संपदा लोगों की जीविका के बड़े साधन हैं। जब तक लोगों को जीविका के साधन नहीं उपलब्ध कराएंगे तब तक पलायन रोकना मुश्किल होगा।
बढ़ रहा ग्रीन गैसों का उत्सर्जन : इब्राहिम थियाव
कार्यकारी सचिव यूएनसीसीडी इब्राहिम थियाव ने कहा कि प्रति वर्ष 26 गीगा बाइट ग्रीन गैसों की कमी आ रही है। बड़े देशों की जिम्मेदारी है कि कड़े नियम बनाकर अमल करें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की मरुस्थलीकरण से संघर्ष करने के लिए जारी धन काफी कम है। इसे निश्चित रूप से बढ़ाए जाने की जरूरत है। बड़े देशों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
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ग्रेटर नोएडा। 2030 तक देश में कुल ऊर्जा का 40 फीसदी हिस्सा अक्षय ऊर्जा होगा। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के मरुस्थलीकरण से सामना मुद्दे पर कॉप-14 अध्यक्ष और भारत के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन संरक्षण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद और कार्यकारी सचिव यूएनसीसीडी इब्राहिम थियाव ने मरुस्थलीकरण से बचाव के लिए देशों से गंभीर कदम उठाने को कहा। वहीं, प्रकाश जावडेकर ने एक प्रश्न पर सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्लास्टिक से स्वेच्छा से दूरी बनाने की बात कही है न कि प्लास्टिक उत्पादों पर बैन लगाने की। वहीं, 1.3 करोड़ से बढ़ाकर 2.1 करोड़ हेक्टेयर बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मरुस्थलीकरण से संघर्ष के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम में देहरादून में सेंटर फॉर एक्सीलेंस केंद्र जल्द से जल्द बनाने की बात को आगे बढ़ाया। साथ ही कहा कि इस केंद्र का फायदा अन्य देशों को दिया जाएगा।
रोजगार और अधिकार देने से रुकेगा पलायन : अमीना जे मोहम्मद
संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे मोहम्मद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पलायन रोकने के लिए सभी देशों को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। विश्व में भूमि की उर्वरता कम होने और मरुस्थलीकरण बढ़ने से बड़ी संख्या में पलायन शुरू हो रहा है। अभी कदम नहीं उठाए को विश्व की दो तिहाई आबादी 20 वर्षों में सूखे और बंजर होती भूमि से ग्रसित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वन और वन संपदा लोगों की जीविका के बड़े साधन हैं। जब तक लोगों को जीविका के साधन नहीं उपलब्ध कराएंगे तब तक पलायन रोकना मुश्किल होगा।
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बढ़ रहा ग्रीन गैसों का उत्सर्जन : इब्राहिम थियाव
कार्यकारी सचिव यूएनसीसीडी इब्राहिम थियाव ने कहा कि प्रति वर्ष 26 गीगा बाइट ग्रीन गैसों की कमी आ रही है। बड़े देशों की जिम्मेदारी है कि कड़े नियम बनाकर अमल करें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की मरुस्थलीकरण से संघर्ष करने के लिए जारी धन काफी कम है। इसे निश्चित रूप से बढ़ाए जाने की जरूरत है। बड़े देशों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
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