Noida : एक साल में सीसीटीवी कैमरों से कटे तीन लाख लोगों के चालान, 182 मामलों को सुलझाने में मिली कामयाबी
नोएडा शहर के चौराहों पर लगे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के मामले में ही नहीं बल्कि आपराधिक मामलों को भी निपटाने में कारगर साबित हुआ है।
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नोएडा शहर के चौराहों पर लगे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के मामले में ही नहीं बल्कि आपराधिक मामलों को भी निपटाने में कारगर साबित हुआ है। बीते एक साल में एकीकृत सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईएसटीएमएस) की मदद से करीब तीन लाख ई-चालान जारी किए गए हैं। वहीं इनसे स्थानीय पुलिस को 182 मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है।
बीते दिनों रजत विहार के पास व्यापारी रचित हत्याकांड के खुलासे के लिए भी आईएसटीएमएस प्रणाली की मदद ली गई। दरअसल, शहर में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए 82 स्थानों पर एक साल पहले उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनसे एक साल में बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी, लाल बत्ती जंप करने, विपरीत दिशा में चलने, दोषपूर्ण नंबर प्लेट आदि मामलों में करीब 2.96 लाख चालान किए जा चुके हैं। सेक्टर 94 स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में इसका कंट्रोल रूम है, जिसे नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग मिलकर नियंत्रित करता है।
पुलिस ने कई मामलों को सीसीटीवी फुटेज की मदद से सुलझाया
परियोजना के तहत आपातकालीन कॉलिंग बॉक्स (एसओएस) पर लाल और हरी बत्तियों को रिमोट से नियंत्रित करने की सुविधा भी दी गई है। डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव ने बताया कि आईएसटीएमएस की मदद से ई-चालान करने के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपराधिक मामलों में फुटेज भी स्थानीय पुलिस को मिल जाती है। अब तक करीब 182 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों तक पहुंचने में मदद ली है।