{"_id":"5e0b8c198ebc3e881d0f9c1a","slug":"3-died-in-faridabad-due-to-suffocation-mewat-news-noi4828120135","type":"story","status":"publish","title_hn":"फरीदाबाद में अलाव के धुएं ने ली दंपती समेत तीन लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फरीदाबाद में अलाव के धुएं ने ली दंपती समेत तीन लोगों की जान
Wed, 01 Jan 2020 05:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 05:53 AM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के वजीरपुर गांव में सोमवार रात एक ही परिवार के तीन लोगों (पति-पत्नी व बेटी) की दम घुटने से मौत हो गई। ठंड से बचने के लिए दंपती ने चारपाई के नीचे अलाव जला लिया था। ठंडी हवा से बचने के लिए कमरे में बने एकमात्र रोशनदान को भी गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
ऐसे में अलाव से निकले धुएं ने तीनों की जान ले ली। तसले में जलाए गए अलाव से चारपाई भी जल गई। इससे तीनों शव भी मामूली रूप से झुलस गए। इस ह्दय विदारक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
सोमवार रात घने कोहरे व ठंड की वजह से वजीरपुर गांव में रहने वाले गजेंद्र, उनकी पत्नी पायल व आठ साल की बेटी दीपांशु उर्फ किट्टू रात को खाने के बाद पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चले गए। सर्दी से बचने के लिए गजेंद्र ने तसले में कुछ लकड़ियां जला लीं। इसके बाद तसले को वह चारपाई के नीचे रखकर सो गए। कमरे में वायु संचार न होने के कारण धुआं भर गया और उनका दम घुट गया।
विज्ञापन
भाई ने रोशनदान से हाथ डालकर खोला दरवाजा
मंगलवार सुबह गजेंद्र का बड़ा भाई राजेंद्र चारा लाने चला गया। करीब आठ बजे लौट कर आया तो भूतल पर गजेंद्र का कमरा बंद था। यह देख वह भैंस का दूध निकालने चला गया। यहां से करीब नौ बजे फिर लौटा तो भी गजेंद्र का कमरा बंद मिला। शक होने पर दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से राजेंद्र ने रोशनदान में लगा गत्ता हटाने के बाद उसमें हाथ डालकर दरवाजे की चटखनी खोली।
चारपाई भी जली मिली
अंदर का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की चीख निकल गई। गजेंद्र, पायल व दीपांशु मृत अवस्था में पड़े थे। उनकी चारपाई जली हुई थी। शव भी मामूली रूप से झुलसे हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इस कारण पुलिस से उनकी नोंकझोंक भी हुई। बाद में परिजन शवों का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।