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21,572 वाहनों का पंजीकरण निरस्त
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21,572 वाहनों का पंजीकरण निरस्त
नोएडा। परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को 10 से 15 साल पुराने 21572 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए हैं। यदि यह वाहन सड़क पर चलते पाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं 5 हजार वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें कहा गया है कि 6 माह में एनओसी लें या फिर वाहन को कबाड़ में बेचकर चेचिस जमा करा दें।
दरअसल, एनजीटी का आदेश है कि एनसीआर में डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहन नहीं चलेंगे। भले ही उनकी हालत अच्छी हो। गौतमबुद्ध नगर में ऐसे करीब 45 से 50 हजार वाहन हैं। इनमें से पहले चरण में करीब 26 हजार वाहनों को चिह्नित किया गया। 21572 वाहनों के संबंध में लॉकडाउन से पहले नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन वाहन मालिकों ने न तो एनओसी ली और न ही पंजीकरण निरस्त कराया। बृहस्पतिवार को इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया। अभी यूपी 16 ए, बी और सी सीरीज के वाहनों पर कार्रवाई की गई है। अब 16 डी सीरीज के वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे जिले में करा सकते हैं पंजीकरण
यदि किसी व्यक्ति के चौपहिया या दोपहिया वाहन को 10 से 15 साल पूरे हो चुके हैं और उसकी हालत अच्छी है तो ऐसे वाहनों के संबंध में जिले से एनओसी लेकर एनसीआरे से बाहर किसी दूसरे जिले में फिर से पंजीकरण कराया जा सकता है। यदि वाहन खराब हालत में है तो उसे कबाड़ में बेचकर चेचिस को परिवहन विभाग में जमा कराना चाहिए। यदि वाहन व्यवसायिक हैं और निर्देशों के अनुसार कार्रवाई नहीं की जाती तो उसका टैक्स लगातार बढ़ता जाएगा।
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नोएडा। परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को 10 से 15 साल पुराने 21572 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए हैं। यदि यह वाहन सड़क पर चलते पाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं 5 हजार वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें कहा गया है कि 6 माह में एनओसी लें या फिर वाहन को कबाड़ में बेचकर चेचिस जमा करा दें।
दरअसल, एनजीटी का आदेश है कि एनसीआर में डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहन नहीं चलेंगे। भले ही उनकी हालत अच्छी हो। गौतमबुद्ध नगर में ऐसे करीब 45 से 50 हजार वाहन हैं। इनमें से पहले चरण में करीब 26 हजार वाहनों को चिह्नित किया गया। 21572 वाहनों के संबंध में लॉकडाउन से पहले नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन वाहन मालिकों ने न तो एनओसी ली और न ही पंजीकरण निरस्त कराया। बृहस्पतिवार को इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया। अभी यूपी 16 ए, बी और सी सीरीज के वाहनों पर कार्रवाई की गई है। अब 16 डी सीरीज के वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे जिले में करा सकते हैं पंजीकरण
यदि किसी व्यक्ति के चौपहिया या दोपहिया वाहन को 10 से 15 साल पूरे हो चुके हैं और उसकी हालत अच्छी है तो ऐसे वाहनों के संबंध में जिले से एनओसी लेकर एनसीआरे से बाहर किसी दूसरे जिले में फिर से पंजीकरण कराया जा सकता है। यदि वाहन खराब हालत में है तो उसे कबाड़ में बेचकर चेचिस को परिवहन विभाग में जमा कराना चाहिए। यदि वाहन व्यवसायिक हैं और निर्देशों के अनुसार कार्रवाई नहीं की जाती तो उसका टैक्स लगातार बढ़ता जाएगा।
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