फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   अमर उजाला सेक्टर संवाद: शाम ढलते ही सड़क बन जाती है मयखाना

अमर उजाला सेक्टर संवाद: शाम ढलते ही सड़क बन जाती है मयखाना

Fri, 21 Sep 2018 02:53 AM IST
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:53 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला सेक्टर संवाद: शाम ढलते ही सड़क बन जाती है मयखाना
अमर उजाला सेक्टर संवाद
विज्ञापन


शाम ढलते ही सड़कों पर छलकते हैं जाम
सेक्टर-18 में खुलेआम नशाखोरी से व्यापारी परेशान, ग्राहकों ने बनाई दूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। भले ही पुलिस शहर की कानून व्यवस्था चाक चौबंद करने का दावा कर रही है, लेकिन शहर के सबसे बड़े बाजार के हालात इन दावों की हवा निकाल रहे हैं। शाम ढलते ही बाजार की सड़कें मयखाने में तब्दील हो जाती हैं। यूं तो सार्वजनिक स्थल पर शराब पीना अपराध है, लेकिन पुलिस और प्राधिकरण की मेहरबानी से खुलेआम बाजार में देर रात तक नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि बाजार में दो शराब के ठेके आमने सामने हैं। एक ठेका तो नियमों को ताक पर रखकर आवंटित किया गया है। पिछली बार जिस व्यक्ति के पास ठेका था, उसे दोबारा आवंटित कर दिया गया। असामाजिक तत्व ठेके से शराब खरीदते हैं और बाहर ही नशा करते हैं। शाम ढलने के बाद महिलाओं का यहां से निकलना दूभर हो जाता है। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन का कहना है कि कई बार पुलिस व प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। कई बार महिलाओं से बदसलूकी हो चुकी हैं। व्यापारी विरोध करते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। ठेके के सामने सड़क पर अतिक्रमण कर कुछ लोग खुलेआम शराब परोसते हैं। सड़कों की खुदाई और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से बाजार के व्यापारी पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों की दुकानें इन ठेकों के आसपास हैं, वहां शाम होने के बाद लोग जाने से डरते हैं।
विज्ञापन


किस काम की पुलिस चौकी
व्यापारियों का कहना है कि सेक्टर-18 बाजार में बनी पुलिस चौकी किसी काम की नहीं हैं। चौकी इंचार्ज स्टाफ की कमी का रोना रोते हैं। व्यापारियों की शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती। बाजार में अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, लेकिन पुलिस और प्राधिकरण के कर्मचारी इसे हटाने की जगह इसकी रखवाली में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शटर के नीचे से मिलती है शराब
व्यापारियों का आरोप है कि सुबह बाजार खुलने का जो टाइम निर्धारित है, उससे पहले ही ठेके खुल जाते हैं। रात 10 बजे बाजार की दुकानें बंद करने का ऑर्डर है, लेकिन ठेके आधी रात तक खुले रहते हैं। देर रात तक सड़क पर नशाखोरों का कब्जा रहता है। ठेके बंद होने के बाद शटर गिराकर भी नीचे से शराब बेची जाती है।

एसएसपी कानून व्यवस्था सुधारने का दावा करते हैं, लेकिन कभी रात के समय बाजार का औचक निरीक्षण करें तो हकीकत सामने आ जाएगी। नियमों को ताक पर रखकर बाजार की सड़क को कुछ लोगों ने बार बनाकर रख दिया है। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होती।
सुशील कुमार जैन, अध्यक्ष, मार्केट एसोसिएशन

हर तरफ से व्यापारी मार झेल रहा है। एक तो सड़कों की खस्ता हालत और रास्ते बंद होने की वजह से पहले ही ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली है। अब शराब के कारोबार के नाम पर बाजार में खुलेआम सज रहा मयखाना व्यापारियों की परेशानी का सबब बन गया है।
एसएस भसीन, महासचिव, मार्केट एसोसिएशन

बाजार की जितनी समस्याएं गिनाई जाएं कम हैं। पुलिस चौकी महज कहने के लिए है। ग्राहकों और व्यापारियों की सुरक्षा से ज्यादा अतिक्रमण करने वालों और पार्किंग ठेकेदारों की सहूलियत के लिए स्थानीय पुलिस काम करती है। हालात में सुधार की जरूरत है।

मोहम्मद मुस्तफा, कारोबारी

शराब की अवैध दुकानें और अवैध पार्किंग से बाजार का हाल बेहाल है। शाम चार बजे के बाद मेट्रो स्टेशन के आसपास से गुजरना मुश्किल है। असामाजिक तत्वों का आतंक इस कदर रहता है कि महिलाएं और बच्चे यहां से गुजरने में भी डरते हैं।
नरेश कुच्छल, जिलाध्यक्ष, यूपी उद्योग व्यापार मंडल प्रतिनिधि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed