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इंडरी में 20 दिनों में 21 लोगों की मौत, ग्रामीणों में दहशत
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अंतराम खटाना
नूंह। बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रहा है। जिले के इंडरी गांव में पिछले 20 दिनों में 21 लोग मौत की नींद सो चुके हैं। इनमें एक परिवार तो ऐसा है कि जिसने मां और बेटे बाबूराम को खो दिया है। इस परिवार के दो सदस्य कोरोना संक्रमित भी बताए जा रहे हैं। गांवों में लोग बीमार होने पर सरकारी अस्पतालों में जा नहीं रहे हैं। साथ ही कोरोना जांच भी कराने से बच रहे हैं। खांसी, जुकाम और सिरदर्द होने पर झोलाछाप से इलाज करवा रहे हैं। इस कारण गांव में हुई मौतों के कारणों का भी पता नहीं चल सका है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी गांव में हुई 21 मौतों पर चुप है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लोगों की जांच करने का दावा कर रहा है, लेकिन इंडरी खंड के गांवों में अब तक कोई स्वास्थ्य कर्मचारी जांच के लिए नहीं पहुंचा है। गांव में बीते दिनों प्रशासन की ओर से स्कूल में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। लेकिन, इतनी मौतें होने के बाद भी गांव में ग्रामीणों की कोरोना जांच की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनके गांव में 19 अप्रैल से 16 मई तक 21 लोग जान गवां चुके हैं। इनमें 8 युवा और आधा दर्जन बुजुर्ग शामिल हैं। मरने वाले सभी लोगों में बुखार, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण थे। कई मौतें दम घुटने से भी हुई हैं। अभी भी गांव में दर्जनभर से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। (संवाद)
जांच के लिए कालियाना पीएचसी जाने को मजबूर
इंडरी खंड में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने उनके गांव को खंड तो बना दिया, लेकिन सुविधाएं देना भूल गई। करीब पंद्रह हजार की आबादी वाले गांव में केवल एक सब सेंटर है। ऐसे में गांव के लोगों को कई किलोमीटर दूर कालियाका पीएचसी में जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव के लोग गुुरुग्राम के सोहना में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली सुध
कई दिनों से गांव में हो रही मौतों से आसपास के गांवों के लोग भी दहशत में हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अब तक गांव नहीं पहुंची है। सरपंच कमल पंवार, दीपक कुमार वीएलई, आकाश, अजय, राजेंद्र, शिव सिंह, ब्रह्मजीत, सतीश, नरेंद्र, जितेंद्र पंवार और एडवोकेट सुखबीर पंवार आदि ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लगातार हो रही मौतों से लोग भयभीत हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
सोमवार को होगी कोरोना जांच
इंडरी गांव में हो रही मौतों के बारे में जानकारी मिली है। सब सेंटर के माध्यम से प्रत्येक मरीज की जानकारी ली जा रही है। जांच नहीं कराने से गांव में हुई मौतों को कोरोना से नहीं जोड़ा जा सकता है। लेकिन, गांव की समस्या को देखते हुए सोमवार को सब सेंटर पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की कोरोना जांच कराई जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा।
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नूंह। बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रहा है। जिले के इंडरी गांव में पिछले 20 दिनों में 21 लोग मौत की नींद सो चुके हैं। इनमें एक परिवार तो ऐसा है कि जिसने मां और बेटे बाबूराम को खो दिया है। इस परिवार के दो सदस्य कोरोना संक्रमित भी बताए जा रहे हैं। गांवों में लोग बीमार होने पर सरकारी अस्पतालों में जा नहीं रहे हैं। साथ ही कोरोना जांच भी कराने से बच रहे हैं। खांसी, जुकाम और सिरदर्द होने पर झोलाछाप से इलाज करवा रहे हैं। इस कारण गांव में हुई मौतों के कारणों का भी पता नहीं चल सका है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी गांव में हुई 21 मौतों पर चुप है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लोगों की जांच करने का दावा कर रहा है, लेकिन इंडरी खंड के गांवों में अब तक कोई स्वास्थ्य कर्मचारी जांच के लिए नहीं पहुंचा है। गांव में बीते दिनों प्रशासन की ओर से स्कूल में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। लेकिन, इतनी मौतें होने के बाद भी गांव में ग्रामीणों की कोरोना जांच की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनके गांव में 19 अप्रैल से 16 मई तक 21 लोग जान गवां चुके हैं। इनमें 8 युवा और आधा दर्जन बुजुर्ग शामिल हैं। मरने वाले सभी लोगों में बुखार, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण थे। कई मौतें दम घुटने से भी हुई हैं। अभी भी गांव में दर्जनभर से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। (संवाद)
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जांच के लिए कालियाना पीएचसी जाने को मजबूर
इंडरी खंड में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने उनके गांव को खंड तो बना दिया, लेकिन सुविधाएं देना भूल गई। करीब पंद्रह हजार की आबादी वाले गांव में केवल एक सब सेंटर है। ऐसे में गांव के लोगों को कई किलोमीटर दूर कालियाका पीएचसी में जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव के लोग गुुरुग्राम के सोहना में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली सुध
कई दिनों से गांव में हो रही मौतों से आसपास के गांवों के लोग भी दहशत में हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अब तक गांव नहीं पहुंची है। सरपंच कमल पंवार, दीपक कुमार वीएलई, आकाश, अजय, राजेंद्र, शिव सिंह, ब्रह्मजीत, सतीश, नरेंद्र, जितेंद्र पंवार और एडवोकेट सुखबीर पंवार आदि ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लगातार हो रही मौतों से लोग भयभीत हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
सोमवार को होगी कोरोना जांच
इंडरी गांव में हो रही मौतों के बारे में जानकारी मिली है। सब सेंटर के माध्यम से प्रत्येक मरीज की जानकारी ली जा रही है। जांच नहीं कराने से गांव में हुई मौतों को कोरोना से नहीं जोड़ा जा सकता है। लेकिन, गांव की समस्या को देखते हुए सोमवार को सब सेंटर पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की कोरोना जांच कराई जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा।