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किसानों ने खुद ढंकी अपने गेहूं पर तिरपाल
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:59 PM IST
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किसानों ने खुद ढंकी अपने गेहूं पर तिरपाल
होडल/हथीन/पलवल। पिछले तीन दिनों से जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश किसानों को खून के आंसू रुला रही है। बारिश में गेहूं की फसल भीगने के बाद उसके खराब होने के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। बृहस्पतिवार व शुक्रवार की बारिश से जिन किसानों की गेहूं की उपज बर्बाद हुई है, अभी तक उन किसानों को मुआवजा लेने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सोमवार को भी जिले में होडल व हथीन उपमंडल में हुई तेज बारिश के बाद फिर से किसानों का गेहूं भीग गया। होडल व हथीन की अनाज मंडियों में पड़ा अनाज तो भीगा ही है, साथ ही खेतों में अभी कटाई के लिए खड़ी तैयार फसल भी भीग गई। भगवान की मार तो किसानों पर पड़ ही रही है साथ ही सरकार की तरफ से अभी तक गिरदावरी नहीं कराई गई है। वहीं भीगने से भूसा भी सड़ने की आशंका है, जिससे आने वाले समय में पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी।
सोमवार सुबह होडल में तेज बारिश हुई। इसमें अनाज मंडी में पड़ा गेहूं भी भीगता रहा। मंडी में जलभराव किसी नदी के होने का आभास करा रहा था। सोमवार की बारिश ने मार्केटिंग बोर्ड व प्रशासन के इंतजामों की भी पोल खोल दी। बृहस्पतिवार व शुक्रवार को बारिश होने के बाद प्रशासन ने दावा किया था कि अब मंडी में पड़ा गेहूं खराब नहीं होगा तथा इसके लिए इंतजाम कर दिए हैं, लेकिन सोमवार की बारिश में सारे दावे व वादे बह गए। गेहूं ढंकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे।
उठान न होने से हो रहा नुकसान
होडल मंडी में अब तक तीन लाख क्विंटल गेहू खरीदा जा चुका है, लेकिन इसमें से एक भी दाने का उठान नहीं हुआ। मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर सुखबीर व अधिकारियों का दावा है कि होडल में ज्यादा बारिश नहीं थी। ऐसे में यहां पर बोरियों में रखा गेहूं नहीं भीगा। ज्यादातर अनाज ढंक दिया गया था। हथीन में भी सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद मंडियों में बिकने के लिए आया गेहूं पूरी तरह से भीग गया। बडौली अनाज मंडी में किसानों ने स्वयं अपने गेहूं पर तिरपाल डाल उसे बचाने का प्रयास किया। हथीन मंडी में साढ़े तीन लाल क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और साढ़े तीन लाख के करीब वहीं पड़ा है, जो सोमवार की बारिश में भीगा। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रविन कुमार का कहना है कि सोमवार को खरीद नहीं हुई। सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि गेहूं में बनी नमी को देखते हुए खरीद नहीं की गई। किसान नेता अमरू पहलवान की मांग है कि सरकार बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तुरंत दे।
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सोमवार को हुई तीन मिलीमीटर बारिश
कृषि विशेषज्ञ महावीर मालिक ने बताया कि होडल में पांच अप्रैल को दो मिलीमीटर(एमएम), छह अप्रैल को 16 एमएम व नौ अप्रैल को सुबह 8 बजे तक 3 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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वहीं कृषि विभाग कार्यालय में हेल्प डेस्क पर बरसात से खराब हुए गेहूं के नुकसान की भरपाई करने के लिए किसानों से फार्म भरवाए जा रहे हैं। अभी तक 640 किसान आवेदन कर चुके हैं। हेल्प डेस्क पर विभाग के परियोजना अधिकारी मनोहर लाल, सांख्यिकी सहायक रघुवीर व नवीन शर्मा तथा बजाज एलाइंस इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि गोपाल राय फार्म भरवाने में लगे हैं।
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होडल/हथीन/पलवल। पिछले तीन दिनों से जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश किसानों को खून के आंसू रुला रही है। बारिश में गेहूं की फसल भीगने के बाद उसके खराब होने के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। बृहस्पतिवार व शुक्रवार की बारिश से जिन किसानों की गेहूं की उपज बर्बाद हुई है, अभी तक उन किसानों को मुआवजा लेने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सोमवार को भी जिले में होडल व हथीन उपमंडल में हुई तेज बारिश के बाद फिर से किसानों का गेहूं भीग गया। होडल व हथीन की अनाज मंडियों में पड़ा अनाज तो भीगा ही है, साथ ही खेतों में अभी कटाई के लिए खड़ी तैयार फसल भी भीग गई। भगवान की मार तो किसानों पर पड़ ही रही है साथ ही सरकार की तरफ से अभी तक गिरदावरी नहीं कराई गई है। वहीं भीगने से भूसा भी सड़ने की आशंका है, जिससे आने वाले समय में पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी।
सोमवार सुबह होडल में तेज बारिश हुई। इसमें अनाज मंडी में पड़ा गेहूं भी भीगता रहा। मंडी में जलभराव किसी नदी के होने का आभास करा रहा था। सोमवार की बारिश ने मार्केटिंग बोर्ड व प्रशासन के इंतजामों की भी पोल खोल दी। बृहस्पतिवार व शुक्रवार को बारिश होने के बाद प्रशासन ने दावा किया था कि अब मंडी में पड़ा गेहूं खराब नहीं होगा तथा इसके लिए इंतजाम कर दिए हैं, लेकिन सोमवार की बारिश में सारे दावे व वादे बह गए। गेहूं ढंकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे।
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उठान न होने से हो रहा नुकसान
होडल मंडी में अब तक तीन लाख क्विंटल गेहू खरीदा जा चुका है, लेकिन इसमें से एक भी दाने का उठान नहीं हुआ। मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर सुखबीर व अधिकारियों का दावा है कि होडल में ज्यादा बारिश नहीं थी। ऐसे में यहां पर बोरियों में रखा गेहूं नहीं भीगा। ज्यादातर अनाज ढंक दिया गया था। हथीन में भी सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद मंडियों में बिकने के लिए आया गेहूं पूरी तरह से भीग गया। बडौली अनाज मंडी में किसानों ने स्वयं अपने गेहूं पर तिरपाल डाल उसे बचाने का प्रयास किया। हथीन मंडी में साढ़े तीन लाल क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और साढ़े तीन लाख के करीब वहीं पड़ा है, जो सोमवार की बारिश में भीगा। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रविन कुमार का कहना है कि सोमवार को खरीद नहीं हुई। सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि गेहूं में बनी नमी को देखते हुए खरीद नहीं की गई। किसान नेता अमरू पहलवान की मांग है कि सरकार बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तुरंत दे।
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सोमवार को हुई तीन मिलीमीटर बारिश
कृषि विशेषज्ञ महावीर मालिक ने बताया कि होडल में पांच अप्रैल को दो मिलीमीटर(एमएम), छह अप्रैल को 16 एमएम व नौ अप्रैल को सुबह 8 बजे तक 3 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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वहीं कृषि विभाग कार्यालय में हेल्प डेस्क पर बरसात से खराब हुए गेहूं के नुकसान की भरपाई करने के लिए किसानों से फार्म भरवाए जा रहे हैं। अभी तक 640 किसान आवेदन कर चुके हैं। हेल्प डेस्क पर विभाग के परियोजना अधिकारी मनोहर लाल, सांख्यिकी सहायक रघुवीर व नवीन शर्मा तथा बजाज एलाइंस इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि गोपाल राय फार्म भरवाने में लगे हैं।