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Noida News: झटपट मुनाफे के झांसे में फंसे दो निवेशक, गंवाए 29 लाख

Wed, 08 Jul 2026 08:16 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 08:16 PM IST
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2 investors fall prey to lure of quick profits, lose 29 lakh
साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही पुलिस
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 29 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों पीड़ितों को निवेश एप व व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ठगी की गई। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
निजी कंपनी में काम करने वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी विजय सिंह ने पुलिस से श्किायत की कि अगस्त 2025 में व्हाट्सएप पर मिले संदेश के बाद उनकी बातचीत खुद को निवेश सलाहकार बताने वाली दो महिलाओं से हुई। दोनों ने उन्हें निवेश एप समूह में जोड़ लिया। इस ग्रुप में लगातार भारी मुनाफे वाले संदेश से उनका विश्वास बढ़ा। इसके बाद पीड़ित ने दोनों के झांसे में आकर कम राशि के निवेश से शुरुआत की। एक महीने के दौरान उन्होंने आठ अलग-अलग लेनदेन में लगभग 15 लाख रुपये कथित निवेश प्लेटफॉर्म पर भेज दिए। जब उन्होंने अपनी मूल राशि और लाभ निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क जमा करने की शर्त रख दी। इतना ही नहीं, रकम जमा नहीं करने पर निवेश खाता फ्रीज करने की चेतावनी भी दी गई। अतिरिक्त भुगतान से इन्कार करने पर आरोपियों ने बातचीत बंद कर दी।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी को बनाया शिकार
नोएडा निवासी प्रदीप कुमार, जो केंद्रीय सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, भी साइबर ठगों के जाल में फंस गए। उन्हें अप्रैल के अंत में व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया गया। आरोपियों ने स्वयं को एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें शेयर बाजार से जुड़े एक ग्रुप में जोड़ दिया। वहां निवेश से जुड़े टिप्स और मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा कायम किया गया। प्रदीप कुमार ने भी शुरुआती निवेश पर दिखाए गए लाभ के बाद लगातार रकम जमा करनी शुरू कर दी। करीब एक महीने के भीतर उन्होंने 14 बार में लगभग 14 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने निवेश की रकम वापस लेने की कोशिश की तो भुगतान टालने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए गए। इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।
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डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया दोनों मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड और निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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