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केंद्र और राज्य सरकार करे फंडिंग तो बनेगी बात: खरीदार
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:07 AM IST
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हेडिंग: केंद्र और राज्य सरकार करे फंडिंग तो बने बात : खरीदार
खरीदारों ने आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के कदम को बताया उचित
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बुधवार को आए आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के फैसले को आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों ने उचित कदम बताया है, लेकिन उनका कहना है इसके बाद भी काफी समय लगेगा। ऐसे में जब तक केंद्र और राज्य सरकार आम्रपाली के प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए फंडिंग नहीं करेंगे बात नहीं बनेगी।
आम्रपाली के फ्लैट खरीदार केके कौशल सहित अन्य ने कहा कि प्रोजेक्ट करीब दस वर्ष लेट हो चुके हैं। अब खरीदार अपना धीरज खोते जा रहे हैं। कोर्ट में भी करीब एक वर्ष बीत चुका है। हालांकि, अगर कोर्ट बीच में नहीं आता तो अब तक कुछ भी नहीं होता। कोर्ट ने आम्रपाली की संपत्तियां सीज करने और बेचने का आदेश दिया है। इसका मूल मकसद फंडिंग कर प्रोजेक्ट पूरे करना है, लेकिन यह प्रक्रिया भी काफी लंबी चलेगी। आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के लिए नीलामी की प्रक्रिया होगी। इसमें आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। एक तय राशि निर्धारित की जाएगी, जिस पर बोली लगेगी। नोएडा में ऑफिस की संपत्तियां बहुत आसानी से नहीं बिकेंगी। संपत्तियों की कीमत अभी घटी है। लिहाजा, कोई निवेशक जल्दी इसमें हाथ नहीं डालेगा। अगर एक बार में संपत्तियां नहीं बिक पाती हैं तो दूसरी बार नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें भी काफी समय लगेगा तब तक खरीदार क्या करेगा।
46 हजार फ्लैट खरीदारों की कोर्ट पर निगाहें टिकी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 46 हजार फ्लैट खरीदारों की उम्मीदें कोर्ट और सरकार पर टिकी हैं। इसमें 10 हजार खरीदार नोएडा में हैं। करीब दो से तीन हजार खरीदार नोएडा के प्रोजेक्टों में रह रहे हैं। वहां उन्होंने अपने पैसे से संसाधन बनाए हैं और किसी तरह से रह रहे हैं। बाकी बिल्डर की ओर से कोई आवश्यक सुविधा दिलाने का कभी प्रयास नहीं किया गया। किसी की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है।
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निदेशकों को जेल भेजने की मांग
आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों ने तीनों निदेशकों को जेल भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि जब इनकी ओर से अब कोई उम्मीद नहीं रह गई है तो जेल क्यों नहीं भेजा जाता। खरीदारों ने इस मामले में काफी रोष जताया है।
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खरीदारों ने आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के कदम को बताया उचित
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बुधवार को आए आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के फैसले को आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों ने उचित कदम बताया है, लेकिन उनका कहना है इसके बाद भी काफी समय लगेगा। ऐसे में जब तक केंद्र और राज्य सरकार आम्रपाली के प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए फंडिंग नहीं करेंगे बात नहीं बनेगी।
आम्रपाली के फ्लैट खरीदार केके कौशल सहित अन्य ने कहा कि प्रोजेक्ट करीब दस वर्ष लेट हो चुके हैं। अब खरीदार अपना धीरज खोते जा रहे हैं। कोर्ट में भी करीब एक वर्ष बीत चुका है। हालांकि, अगर कोर्ट बीच में नहीं आता तो अब तक कुछ भी नहीं होता। कोर्ट ने आम्रपाली की संपत्तियां सीज करने और बेचने का आदेश दिया है। इसका मूल मकसद फंडिंग कर प्रोजेक्ट पूरे करना है, लेकिन यह प्रक्रिया भी काफी लंबी चलेगी। आम्रपाली की संपत्तियां बेचने के लिए नीलामी की प्रक्रिया होगी। इसमें आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। एक तय राशि निर्धारित की जाएगी, जिस पर बोली लगेगी। नोएडा में ऑफिस की संपत्तियां बहुत आसानी से नहीं बिकेंगी। संपत्तियों की कीमत अभी घटी है। लिहाजा, कोई निवेशक जल्दी इसमें हाथ नहीं डालेगा। अगर एक बार में संपत्तियां नहीं बिक पाती हैं तो दूसरी बार नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें भी काफी समय लगेगा तब तक खरीदार क्या करेगा।
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46 हजार फ्लैट खरीदारों की कोर्ट पर निगाहें टिकी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 46 हजार फ्लैट खरीदारों की उम्मीदें कोर्ट और सरकार पर टिकी हैं। इसमें 10 हजार खरीदार नोएडा में हैं। करीब दो से तीन हजार खरीदार नोएडा के प्रोजेक्टों में रह रहे हैं। वहां उन्होंने अपने पैसे से संसाधन बनाए हैं और किसी तरह से रह रहे हैं। बाकी बिल्डर की ओर से कोई आवश्यक सुविधा दिलाने का कभी प्रयास नहीं किया गया। किसी की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है।
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निदेशकों को जेल भेजने की मांग
आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों ने तीनों निदेशकों को जेल भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि जब इनकी ओर से अब कोई उम्मीद नहीं रह गई है तो जेल क्यों नहीं भेजा जाता। खरीदारों ने इस मामले में काफी रोष जताया है।