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फोर्टिस
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:41 AM IST
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हेडिंग: फोर्टिस में बिल को लेकर परिजनों का हंगामा
हादसे के बाद भर्ती कराए गए युवक की मंगलवार रात हो गई मौत
परिजनों का आरोप, कागज देने के बदले अस्पताल और पैसे मांग रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती अरविंद शर्मा की मंगलवार को मौत के बाद बिल को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। काफी जद्दोजहद के बाद अस्पताल ने शव परिजनों को सौंपकर उन्हें शांत कराया।
भांजे आकाश शर्मा ने बताया कि अरविंद 9 सितंबर को लाल कुंआ से घर आ रहे थे। रास्ते में एक डंपर ने उन्हें कुचल दिया। उन्हें फोर्टिस में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 17 सितंबर तक वह होश में थे और बातचीत कर रहे थे। इलाज के लिए परिजन साढ़े छह लाख रुपये जमा करा चुके थे। रात को अस्पताल वाले 1.80 लाख रुपये और मांग रहे थे। उस समय ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो नहीं पा रहा था और अस्पताल वाले कैश लेने को तैयार नहीं थे। रात में पैसे जमा न होने से इलाज में लापरवाही शुरू कर दी गई। मंगलवार को अरविंद की मौत हो गई और अस्पताल ने परिजनों से 1.80 लाख जमा कराने को कहा। वहीं, अस्पताल मरीज की मौत से जुड़े कागज देने में आनाकानी कर रहा था, क्योंकि उन्हें और पैसे चाहिए थे। इधर, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज का लगातार इलाज चल रहा था। परिजनों ने बकाया धनराशि नहीं दी और हंगामा किया। शव व संबंधित कागजात परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
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हादसे के बाद भर्ती कराए गए युवक की मंगलवार रात हो गई मौत
परिजनों का आरोप, कागज देने के बदले अस्पताल और पैसे मांग रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती अरविंद शर्मा की मंगलवार को मौत के बाद बिल को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। काफी जद्दोजहद के बाद अस्पताल ने शव परिजनों को सौंपकर उन्हें शांत कराया।
भांजे आकाश शर्मा ने बताया कि अरविंद 9 सितंबर को लाल कुंआ से घर आ रहे थे। रास्ते में एक डंपर ने उन्हें कुचल दिया। उन्हें फोर्टिस में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 17 सितंबर तक वह होश में थे और बातचीत कर रहे थे। इलाज के लिए परिजन साढ़े छह लाख रुपये जमा करा चुके थे। रात को अस्पताल वाले 1.80 लाख रुपये और मांग रहे थे। उस समय ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो नहीं पा रहा था और अस्पताल वाले कैश लेने को तैयार नहीं थे। रात में पैसे जमा न होने से इलाज में लापरवाही शुरू कर दी गई। मंगलवार को अरविंद की मौत हो गई और अस्पताल ने परिजनों से 1.80 लाख जमा कराने को कहा। वहीं, अस्पताल मरीज की मौत से जुड़े कागज देने में आनाकानी कर रहा था, क्योंकि उन्हें और पैसे चाहिए थे। इधर, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज का लगातार इलाज चल रहा था। परिजनों ने बकाया धनराशि नहीं दी और हंगामा किया। शव व संबंधित कागजात परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
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