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स्वाइन फ्लू के 11 नए मामलों की पुष्टि
Updated Wed, 02 Aug 2017 05:38 PM IST
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स्वाइन फ्लू के 11 नए मामलों की पुष्टि
शहर में स्वाइन फ्लू के 11 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इन मरीजों के घर जाकर इनकेपरिजनों को भी दवा देगा। विभाग इनके आसपास के लोगों को जागरूक भीकरेगा।
एडिशनल सीएमओ डॉ. राजीव प्रसाद के अनुसार, दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज सेंटर से 11 मामलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मरीजों को दवा उपलब्ध करा दी गई है। प्राइवेट अस्पतालों को भी स्वाइन फ्लू की दवा दी जा रही है।
प्राइवेट अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के छह संदिग्ध मामले आए हैं। इनकी जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेज दिया गया है। वहीं, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए वॉर्ड भी बनाया गया है।
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अगर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है तो वे स्वास्थ्य विभाग आकर टेमी फ्लू की दवा ले सकता है। जिला अस्पताल में भी दवा उपलब्ध है। क्रास जांच के लिए सैंपल जिला अस्पताल में भी दे सकते हैं। सैंपल क्रास चेक के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।
जब आप खांसते या छींकते हैं तो हवा में, जमीन पर या जिस भी सतह पर थूक या मुंह और नाक से निकले द्रव के कण गिरते हैं, वह वायरस की चपेट में आ जाता है। यह कण हवा द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिये प्रवेश कर जाते हैं। मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिये भी यह वायरस फैल सकते हैं।
शुरुआती लक्षण
लगातार नाक का बहना, छींक आना, नाक जाम होना
मांसपेशियां में दर्द या अकड़न
सिर में भयानक दर्द
कफ और कोल्ड, लगातार खांसी आना
बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना
गले में खराश होना और लगातार बढ़ते जाना
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शहर में स्वाइन फ्लू के 11 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इन मरीजों के घर जाकर इनकेपरिजनों को भी दवा देगा। विभाग इनके आसपास के लोगों को जागरूक भीकरेगा।
एडिशनल सीएमओ डॉ. राजीव प्रसाद के अनुसार, दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज सेंटर से 11 मामलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मरीजों को दवा उपलब्ध करा दी गई है। प्राइवेट अस्पतालों को भी स्वाइन फ्लू की दवा दी जा रही है।
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प्राइवेट अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के छह संदिग्ध मामले आए हैं। इनकी जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेज दिया गया है। वहीं, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए वॉर्ड भी बनाया गया है।
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अगर किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है तो वे स्वास्थ्य विभाग आकर टेमी फ्लू की दवा ले सकता है। जिला अस्पताल में भी दवा उपलब्ध है। क्रास जांच के लिए सैंपल जिला अस्पताल में भी दे सकते हैं। सैंपल क्रास चेक के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।
जब आप खांसते या छींकते हैं तो हवा में, जमीन पर या जिस भी सतह पर थूक या मुंह और नाक से निकले द्रव के कण गिरते हैं, वह वायरस की चपेट में आ जाता है। यह कण हवा द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिये प्रवेश कर जाते हैं। मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिये भी यह वायरस फैल सकते हैं।
शुरुआती लक्षण
लगातार नाक का बहना, छींक आना, नाक जाम होना
मांसपेशियां में दर्द या अकड़न
सिर में भयानक दर्द
कफ और कोल्ड, लगातार खांसी आना
बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना
गले में खराश होना और लगातार बढ़ते जाना