फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   मांडीखेड़ा का शहीद स्मारक उपेक्षा का शिकार

मांडीखेड़ा का शहीद स्मारक उपेक्षा का शिकार

Tue, 27 Mar 2018 11:11 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
मांडीखेड़ा का शहीद स्मारक उपेक्षा का शिकार
मांडीखेड़ा का शहीद स्मारक उपेक्षा का शिकार
विज्ञापन

राजुद्दीन जंग
नगीना, (नूंह)।
कभी ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ, जयपुर की रानी गायत्री देवी, पटौदी रियासत की रानी साजिदा बेगम और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उपस्थिति से गदगद हुआ मांड़ीखेड़ा के 109 शहीदों को स्मारक आज गुमनामी की चादर ओढ़ चुका है। सन 1985 में भारतरत्न खान खान अब्दुल गफ्फार खान भी स्मारक पर पहुंचे थे। हरियाणा सरकार इसके महत्व के प्रति उदासीन है। प्रथम विश्वयुद्ध में जान गंवाने वाले मेवात के वीर सैनिकों का स्मारक 100 साल से वीरान पड़ा है। अभी तक न तो इसकी मरम्मत हुई और न ही चारदीवारी। हालत यह है कि मौजूदा वक्त में स्मारक पर कचरे का ढेर लगा हुआ है। स्मारक की भूमि पर चारदीवारी करने के लिए हरियाणा विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष चौधरी आजाद मोहम्मद ने 23 सितंबर 2007 को मंजूरी दी, लेकिन तब से कोई काम नहीं हुआ है। मेवात आरटीआई मंच ने अब शहीद स्मारक मांड़ीखेड़ा के रखरखाव का बीड़ा उठाया है। उसने सीएम और पीएम को चिट्ठी भेजकर इसकी कायापलट की मांग की हैं।
एलिजाबेथ ने भी सम्मान में सिर से हटाई थी टोपी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रथम विश्वयुद्ध 1914-19 में भाग लेने वाले और शहीद होने वाले मांड़ीखेड़ा गांव के 109 खांजादा सैनिकों की याद में ब्रिटिश हुकूमत ने 1924 में इसे बनवाया था। शहीदी स्मारक के चबूतरे पर चढ़ने के लिए 8 सीढ़ियां बनाई गई थीं। चबूतरे से स्मारक की ऊंचाई 9-10 फुट थी, जो अब आसपास का कूड़ा व मिट्टी डाले जाने से घट गई है। शिक्षाविद् वीरभान ने बताया कि 1960 के दशक में 7 फुट चौड़े शेरशाह सूरी मार्ग पर महारानी एलिजाबेथ, जयपुर की रानी गायत्री देवी, पटौदी रियासत की रानी साजिदा बेगम और इंदिरा गांधी एक साथ खुली जीप से मांड़ीखेड़ा पहुंचे थे। ऐसा कहा जाता है कि महारानी एलिजाबेथ उस वक्त कार से नीचे उतरीं और शहीद स्मारक की ओर मुंह करके सम्मान जाहिर करते हुए टोपी को सिर से हटा दिया था।
विज्ञापन


दी गई थी रोल ऑफ ऑनर की उपाधि
इतिहास के जानकार फजरूद्दीन बेसर कहते हैं कि मांड़ीखेड़ा गांव के इन 109 में से 10 जवान शहीद हुए थे। अंग्रेजी सरकार ने सभी को रोल ऑफ ऑनर की उपाधि से नवाजते हुए दो संगमरमर पत्थर पर उनके नाम गुदवाकर लगवाए थे, जो आज भी मौजूद हैं। हाजी शरीफ और समाजसेवी उस्मान दुर्रानी ने बताया कि मेवात आरटीआई मंच ने 109 शहीदों के स्मारक की मरम्मत कराने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भेजे हैं। वहीं एमडीए के चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने कहा कि निरीक्षण करने के बाद चारदीवारी कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed