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सीपीसीबी ने गाजियाबाद और नोएडा को दिया आदेश
Updated Fri, 14 Dec 2018 05:31 AM IST
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गाजियाबाद और नोएडा के लिए उपयोगी--
क्रिसमस और नववर्ष के दौरान पटाखों पर नियंत्रण लगाएं जिलाधिकारी
- सीपीसीबी ने गाजियाबाद और नोएडा को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिवाली में पटाखों पर नियंत्रण को लेकर विफल रहे नोएडा और गाजियाबाद को क्रिसमस और नव वर्ष के पहले ही आदेश जारी कर आगाह कर दिया है। सीपीसीबी ने नोएडा और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को आदेश जारी कर कहा है कि वे क्रिसमस और नव वर्ष के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए प्रदूषण की रोकथाम के लिए न सिर्फ पटाखों के शोर पर नियंत्रण लगाएं बल्कि कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।
सीपीसीबी अध्यक्ष एसपी परिहार की ओर से हाल ही में दोनों जिलाधिकारियों को अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही दोनों जिलों से 7 जनवरी को आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा गया है। सीपीसीबी ने कहा है कि गाजियाबाद और नोएडा जिलाधिकारी प्रदूषण वाली गतिविधियों पर रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को सख्ती से लागू करने पर भी ध्यान दें।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए आदेश दिया था कि दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ दो घंटे और पर्यावरण अनुकूल पटाखे ही दगने चाहिए। हालांकि, दिवाली के दिन इस आदेश का उल्लंघन किया गया था। गाजियाबाद और नोएडा में इस आदेश के उल्लंघन पर सीपसीबी की ओर से दोनों जिलाधिकारियों को बाद में नोटिस भी जारी किया गया था।
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सीपीसीबी ने कहा कि गाजियाबाद में 45 और नोएडा में 83 दुकानदारों को पर्यावरण अनुकूल पटाखों की बिक्री के लाइसेंस दिए गए थे। गाजियाबाद ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में इन 45 दुकानदारों के खिलाफ किसी तरह की जांच या कार्रवाई की रिपोर्ट नहीं मुहैया कराई, जबकि नोएडा की ओर से 70 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन 13 के बारे में कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का न तो ढ़ंग से पालन किया गया और न ही प्रदूषण का प्रभावी रोकथाम किया गया।
दिवाली के दिन खतरनाक पटाखों के जलाए जाने से शहर की हवा में प्रदूषण गंभीर स्तर को भी पार कर गया था। वहीं पार्टिकुलेट मैटर का स्तर अपने मानकों से दस गुना ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। इस दौरान पुलिस ने 550 केस दर्ज किए थे। वहीं, 300 से अधिक लोग दिवाली के रोज गिरफ्तार भी किए गए थे। इसके अलावा दिवाली के अगले दिन 2,776 किलो पटाखे भी सील कर दिए गए थे। वहीं, अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री के लिए 87 लोग गिरफ्तार हुए थे और 72 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
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क्रिसमस और नववर्ष के दौरान पटाखों पर नियंत्रण लगाएं जिलाधिकारी
- सीपीसीबी ने गाजियाबाद और नोएडा को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिवाली में पटाखों पर नियंत्रण को लेकर विफल रहे नोएडा और गाजियाबाद को क्रिसमस और नव वर्ष के पहले ही आदेश जारी कर आगाह कर दिया है। सीपीसीबी ने नोएडा और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को आदेश जारी कर कहा है कि वे क्रिसमस और नव वर्ष के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए प्रदूषण की रोकथाम के लिए न सिर्फ पटाखों के शोर पर नियंत्रण लगाएं बल्कि कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।
सीपीसीबी अध्यक्ष एसपी परिहार की ओर से हाल ही में दोनों जिलाधिकारियों को अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही दोनों जिलों से 7 जनवरी को आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा गया है। सीपीसीबी ने कहा है कि गाजियाबाद और नोएडा जिलाधिकारी प्रदूषण वाली गतिविधियों पर रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को सख्ती से लागू करने पर भी ध्यान दें।
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सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए आदेश दिया था कि दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ दो घंटे और पर्यावरण अनुकूल पटाखे ही दगने चाहिए। हालांकि, दिवाली के दिन इस आदेश का उल्लंघन किया गया था। गाजियाबाद और नोएडा में इस आदेश के उल्लंघन पर सीपसीबी की ओर से दोनों जिलाधिकारियों को बाद में नोटिस भी जारी किया गया था।
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सीपीसीबी ने कहा कि गाजियाबाद में 45 और नोएडा में 83 दुकानदारों को पर्यावरण अनुकूल पटाखों की बिक्री के लाइसेंस दिए गए थे। गाजियाबाद ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में इन 45 दुकानदारों के खिलाफ किसी तरह की जांच या कार्रवाई की रिपोर्ट नहीं मुहैया कराई, जबकि नोएडा की ओर से 70 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन 13 के बारे में कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का न तो ढ़ंग से पालन किया गया और न ही प्रदूषण का प्रभावी रोकथाम किया गया।
दिवाली के दिन खतरनाक पटाखों के जलाए जाने से शहर की हवा में प्रदूषण गंभीर स्तर को भी पार कर गया था। वहीं पार्टिकुलेट मैटर का स्तर अपने मानकों से दस गुना ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। इस दौरान पुलिस ने 550 केस दर्ज किए थे। वहीं, 300 से अधिक लोग दिवाली के रोज गिरफ्तार भी किए गए थे। इसके अलावा दिवाली के अगले दिन 2,776 किलो पटाखे भी सील कर दिए गए थे। वहीं, अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री के लिए 87 लोग गिरफ्तार हुए थे और 72 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।