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महाकवि विद्यापति की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है-मनोज तिवारी
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:12 AM IST
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महाकवि विद्यापति की रचनाएं आज भी प्रासंगिक : तिवारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय साहित्य की शृंगार-परंपरा के साथ भक्ति परंपरा के भी प्रमुख स्तंभों में से एक विद्यापति मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। इनके काव्यों में मध्यकालीन मैथिली भाषा के स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है। इन्हें वैष्णव, शैव और शाक्त भक्ति के सेतु के रूप में भी स्वीकार किया गया है। यह बातें महाकवि विद्यापति के जन्मदिन पर बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहीं।
तिवारी ने कहा कि भक्ति भाव के अधिष्ठाता और भक्ति परंपरा के आधार स्तंभ महाकवि विद्यापति की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है। महाकवि की भक्ति गीत आज भी लोक कंठ में जीवंत है। अपनी भक्तिभाव की पराकाष्ठा से समाहित रचनाओं के जरिये उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का अलख जगा कर पूरे विश्व में मिथिलांचल का मान बढ़ाया है। विश्व पटल पर महाकवि विद्यापति का स्थान कोई नहीं ले सकता है। इस अवसर पर भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष सिंह, पार्षद कल्पना झा, भाजपा नेता अनिल त्यागी, गोपाल समेत कई स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय साहित्य की शृंगार-परंपरा के साथ भक्ति परंपरा के भी प्रमुख स्तंभों में से एक विद्यापति मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। इनके काव्यों में मध्यकालीन मैथिली भाषा के स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है। इन्हें वैष्णव, शैव और शाक्त भक्ति के सेतु के रूप में भी स्वीकार किया गया है। यह बातें महाकवि विद्यापति के जन्मदिन पर बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहीं।
तिवारी ने कहा कि भक्ति भाव के अधिष्ठाता और भक्ति परंपरा के आधार स्तंभ महाकवि विद्यापति की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है। महाकवि की भक्ति गीत आज भी लोक कंठ में जीवंत है। अपनी भक्तिभाव की पराकाष्ठा से समाहित रचनाओं के जरिये उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का अलख जगा कर पूरे विश्व में मिथिलांचल का मान बढ़ाया है। विश्व पटल पर महाकवि विद्यापति का स्थान कोई नहीं ले सकता है। इस अवसर पर भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष सिंह, पार्षद कल्पना झा, भाजपा नेता अनिल त्यागी, गोपाल समेत कई स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
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