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आयुर्वेद के जिक्र पर आईएम ने किया विरोध
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:51 PM IST
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आयुर्वेद के जिक्र पर आईएम
ने जताया कड़ा विरोध
- दिल्ली पुलिस के काउंसिल बयान की निंदा की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाल ही में दिल्ली के मधु विहार थाने में महिला डॉक्टर के खिलाफ दर्ज केस को लेकर इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ा विरोध जताया है। दिल्ली पुलिस के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें पुलिस को दिल्ली मेडिकल काउंसिल ने डॉक्टर को बीएएमएस बताया है।
इलाज में लापरवाही बरतने के कारण भारती राय नामक युवती की मौत के संदर्भ में बीते बुधवार को मधु विहार थाने में झोलाछाप महिला डॉक्टर रीना पोद्दार के खिलाफ दिल्ली मेडिकल काउंसिल की सिफारिश के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ आरपी पाराशर ने आरोप लगाया कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा उक्त झोलाछाप डाक्टर के बारे में जान बूझकर यह गलत जानकारी दी गई कि कथित डाक्टर बीएएमएस डिग्रीधारी आयुर्वेदिक चिकित्सक है।
डॉ पाराशर ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार उक्त महिला के पास न तो कोई मान्यता प्राप्त डिग्री है और न ही चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए कहीं पंजीकरण। उक्त महिला द्वारा दिल्ली मेडिकल काउंसिल को दिए गए बयान में अपने बारे में कहीं भी बीएएमएस होने का दावा नहीं किया है। एसोसिएशन के संरक्षक और दिल्ली भारतीय चिकित्सा परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ युवराज त्यागी ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा इस मामले में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के खिलाफ किए जा रहे इस दुष्प्रचार की भी आलोचना की। डॉ पाराशर ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष और रजिस्ट्रार से अविलंब माफी मांगने को कहा है।
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ने जताया कड़ा विरोध
- दिल्ली पुलिस के काउंसिल बयान की निंदा की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाल ही में दिल्ली के मधु विहार थाने में महिला डॉक्टर के खिलाफ दर्ज केस को लेकर इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ा विरोध जताया है। दिल्ली पुलिस के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें पुलिस को दिल्ली मेडिकल काउंसिल ने डॉक्टर को बीएएमएस बताया है।
इलाज में लापरवाही बरतने के कारण भारती राय नामक युवती की मौत के संदर्भ में बीते बुधवार को मधु विहार थाने में झोलाछाप महिला डॉक्टर रीना पोद्दार के खिलाफ दिल्ली मेडिकल काउंसिल की सिफारिश के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ आरपी पाराशर ने आरोप लगाया कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा उक्त झोलाछाप डाक्टर के बारे में जान बूझकर यह गलत जानकारी दी गई कि कथित डाक्टर बीएएमएस डिग्रीधारी आयुर्वेदिक चिकित्सक है।
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डॉ पाराशर ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार उक्त महिला के पास न तो कोई मान्यता प्राप्त डिग्री है और न ही चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए कहीं पंजीकरण। उक्त महिला द्वारा दिल्ली मेडिकल काउंसिल को दिए गए बयान में अपने बारे में कहीं भी बीएएमएस होने का दावा नहीं किया है। एसोसिएशन के संरक्षक और दिल्ली भारतीय चिकित्सा परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ युवराज त्यागी ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा इस मामले में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के खिलाफ किए जा रहे इस दुष्प्रचार की भी आलोचना की। डॉ पाराशर ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष और रजिस्ट्रार से अविलंब माफी मांगने को कहा है।
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