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गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भ्रष्टाचार मामला-
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:11 AM IST
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गुरुद्वारा कार्यकारिणी के चुनाव तीन महीने पहले
पार्टी हाईकमान के आदेश पर फैसला लिया गया : जीके
नई कार्यकारिणी भ्रष्टाचार के आरोपों की करवाएगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कार्यकारिणी के चुनाव तीन माह पहले करवाने का निर्णय किया है। कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि हमने पार्टी हाईकमान के आदेश पर यह निर्णय लिया है, ताकि सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके। कमेटी ने इस संबंध में गुरुद्वारा चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दिसंबर के अंत तक कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का आग्रह किया है। अब आयोग तय करेगा कि कार्यकारिणी के नए सिरे से चुनाव करवाए जाएं या फिर वर्तमान कार्यकारिणी की शेष अवधि तीन माह के लिए।
गुरुद्वारा रकाबगंज में कमेटी के आम सदस्यों की बैठक में हाईकमान के आदेश पर चर्चा हुई। बैठक में काफी हंगामा हुआ और अंत में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी के नए सिरे से चुनाव करवाने का निर्णय ले लिया गया।
कमेटी के अध्यक्ष जीके व महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने बैठक के बाद बताया कि काफी अरसे से कमेटी के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। संगतों ने हम पर विश्वास किया, लेकिन फिर भी गलत तरीके से आरोप लगाए गए। कार्यकारिणी का कार्यकाल हालांकि मार्च के अंत तक था, लेकिन जिस प्रकार से आरोप लग रहे हैं, उसे देखते हुए पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पहले चुनाव करवाए जा रहे हैं, ताकि नई कार्यकारिणी एक कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करवा सके।
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उन्होंने कहा कि हमने गुरुद्वारा चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दिसंबर 27 से 29 के बीच कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का आग्रह किया है। अब चुनाव आयोग को निर्णय लेना है कि चुनाव कब करवाएं। तय नियमों के अनुसार, चुनाव के लिए 21 दिन का समय देना होता है, इसलिए हमने यह पत्र लिखा है। जीके ने साफ कर दिया कि आरोपों की जांच तक वे कोई भी पद ग्रहण नहीं करेंगे। जीके व सिरसा ने इस आरोप को भी गलत बताया कि उनके बीच मतभेद है। 15 सदस्यीय कार्यकारिणी में 10 सदस्यों व पांच पदाधिकारियों का चुनाव होता है।
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पार्टी हाईकमान के आदेश पर फैसला लिया गया : जीके
नई कार्यकारिणी भ्रष्टाचार के आरोपों की करवाएगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कार्यकारिणी के चुनाव तीन माह पहले करवाने का निर्णय किया है। कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि हमने पार्टी हाईकमान के आदेश पर यह निर्णय लिया है, ताकि सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके। कमेटी ने इस संबंध में गुरुद्वारा चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दिसंबर के अंत तक कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का आग्रह किया है। अब आयोग तय करेगा कि कार्यकारिणी के नए सिरे से चुनाव करवाए जाएं या फिर वर्तमान कार्यकारिणी की शेष अवधि तीन माह के लिए।
गुरुद्वारा रकाबगंज में कमेटी के आम सदस्यों की बैठक में हाईकमान के आदेश पर चर्चा हुई। बैठक में काफी हंगामा हुआ और अंत में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी के नए सिरे से चुनाव करवाने का निर्णय ले लिया गया।
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कमेटी के अध्यक्ष जीके व महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने बैठक के बाद बताया कि काफी अरसे से कमेटी के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। संगतों ने हम पर विश्वास किया, लेकिन फिर भी गलत तरीके से आरोप लगाए गए। कार्यकारिणी का कार्यकाल हालांकि मार्च के अंत तक था, लेकिन जिस प्रकार से आरोप लग रहे हैं, उसे देखते हुए पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पहले चुनाव करवाए जा रहे हैं, ताकि नई कार्यकारिणी एक कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच करवा सके।
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उन्होंने कहा कि हमने गुरुद्वारा चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दिसंबर 27 से 29 के बीच कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का आग्रह किया है। अब चुनाव आयोग को निर्णय लेना है कि चुनाव कब करवाएं। तय नियमों के अनुसार, चुनाव के लिए 21 दिन का समय देना होता है, इसलिए हमने यह पत्र लिखा है। जीके ने साफ कर दिया कि आरोपों की जांच तक वे कोई भी पद ग्रहण नहीं करेंगे। जीके व सिरसा ने इस आरोप को भी गलत बताया कि उनके बीच मतभेद है। 15 सदस्यीय कार्यकारिणी में 10 सदस्यों व पांच पदाधिकारियों का चुनाव होता है।