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मिड डे मील से जुड़ी एजेंसी का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर हंगामा
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:55 PM IST
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मिड डे मील से जुड़ी एजेंसी का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर हंगामा
बैठक में प्रस्ताव खारिज, जांच के लिए कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मिड डे मील से संबंधित एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर शुरू हुए विवाद थम नहीं रहा है। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में विपक्ष ने इस मामले में प्रस्ताव पेश करते ही जोरदार हंगामा किया। आखिरकार, प्रस्ताव को खारिज करते हुए जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई।
इससे पहले भी मिड डे मील से संबंधित एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। बाद में नवंबर में एजेंसी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया था। स्थायी समिति के अध्यक्ष से पहले ही मंजूरी ले ली गई थी, जिससे संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए सदन में एक बार फिर विवाद गहराया और पार्षद रेखा त्यागी ने विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले मिड डे मील में कमियां निकाली जाती थी, लेकिन भाजपा शासित निगम में एजेंसियों की कार्यावधि बढ़ाने के निर्णय खुद ही लिए जा रहे हैं। यह मामला स्थायी समिति में भी रखा गया।
मिड डे मील एजेंसियों का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाए जाने के बारे में स्थायी समिति के चेयरमैन सत्यपाल सिंह ने कहा कि टेंडर होने तक बच्चों को बगैर मिड डे मील नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके बावजूद सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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बैठक में प्रस्ताव खारिज, जांच के लिए कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मिड डे मील से संबंधित एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर शुरू हुए विवाद थम नहीं रहा है। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में विपक्ष ने इस मामले में प्रस्ताव पेश करते ही जोरदार हंगामा किया। आखिरकार, प्रस्ताव को खारिज करते हुए जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई।
इससे पहले भी मिड डे मील से संबंधित एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। बाद में नवंबर में एजेंसी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया था। स्थायी समिति के अध्यक्ष से पहले ही मंजूरी ले ली गई थी, जिससे संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए सदन में एक बार फिर विवाद गहराया और पार्षद रेखा त्यागी ने विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले मिड डे मील में कमियां निकाली जाती थी, लेकिन भाजपा शासित निगम में एजेंसियों की कार्यावधि बढ़ाने के निर्णय खुद ही लिए जा रहे हैं। यह मामला स्थायी समिति में भी रखा गया।
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मिड डे मील एजेंसियों का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाए जाने के बारे में स्थायी समिति के चेयरमैन सत्यपाल सिंह ने कहा कि टेंडर होने तक बच्चों को बगैर मिड डे मील नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके बावजूद सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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