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चौटाला के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में संज्ञान
Updated Wed, 28 Nov 2018 07:11 AM IST
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चौटाला के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में संज्ञान
- कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी दिया पेश करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को पेश करने का निर्देश दिया है। निदेशालय ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में मनी लांड्रिंग की जांच के बाद यह शिकायत दायर की है। एजेंसी ने चौटाला पर करीब छह करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का आरोप है।
तीस हजारी अदालत के विशेष सीबीआई जज सुनील कुमार सिसौदिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद चौटाला को सात दिसंबर को पेश करने का निर्देश दिया है। वह फिलहाल जेबीटी भर्ती घोटाला मामले में दस साल कैद की सजा काट रहे हैं। ईडी का आरोप है कि चौटाला ने मई 1993 से मई 2006 के बीच भ्रष्टाचार व अवैध तरीके से 6.09 करोड़ कमाए और इसे संपत्ति के रूप में दिखाया।
वहीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में 26 मार्च 2010 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री रहते हुए चौटाला ने आय से अधिक छह करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। इस केस के आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था।
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- कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी दिया पेश करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को पेश करने का निर्देश दिया है। निदेशालय ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में मनी लांड्रिंग की जांच के बाद यह शिकायत दायर की है। एजेंसी ने चौटाला पर करीब छह करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का आरोप है।
तीस हजारी अदालत के विशेष सीबीआई जज सुनील कुमार सिसौदिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद चौटाला को सात दिसंबर को पेश करने का निर्देश दिया है। वह फिलहाल जेबीटी भर्ती घोटाला मामले में दस साल कैद की सजा काट रहे हैं। ईडी का आरोप है कि चौटाला ने मई 1993 से मई 2006 के बीच भ्रष्टाचार व अवैध तरीके से 6.09 करोड़ कमाए और इसे संपत्ति के रूप में दिखाया।
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वहीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में 26 मार्च 2010 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री रहते हुए चौटाला ने आय से अधिक छह करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। इस केस के आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था।
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