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केवाईएस ने एसओएल पर फंड दुरुप्रयोग का आरोप लगाया
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:11 PM IST
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केवाईएस ने लगाया एसओएल पर फंड दुरुपयोग का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) प्रशासन पर फंड का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया है। कुछ समय पहले एसओएल में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने विभिन्न सेंटर के प्रिंसिपल व पर्यवेक्षकों को दिए गए भारी वेतन का भी विरोध किया था। केवाईएस दिल्ली राज्य समिति सदस्य हरीश गौतम ने कहा कि एसओएल में पहले भी भ्रष्टाचार और पैसों की धांधली का मुद्दा जब-तब उठता रहता है।
केवाईएस का कहना है कि एसओएल छात्रों के लिए कॉलेजों में पर्सनल कॉन्टेक्ट प्रोग्राम (पीसीपी) कक्षाएं लगाई जाती हैं। पीसीपी काउंसलिंग सेशन के लिए प्रशासन की ओर से काफी रुपया दिया जाता है। लेकिन कॉलेज सेंटर सभी विषयों के शिक्षक का इंतजाम नहीं करते हैं। एसओएल की ओर से दिल्ली विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय विकास के लिए करोड़ों रुपये दिए जाते हैं लेकिन छात्रों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती हैं। बीते साल भी केवाईएस ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर फंड के दुरुपयोग समेत अन्य मुद्दों को उठाया था। लेकिन अब तक यह भ्रष्टाचार नहीं रुक सका है।
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रश्मि शर्मा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) प्रशासन पर फंड का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया है। कुछ समय पहले एसओएल में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने विभिन्न सेंटर के प्रिंसिपल व पर्यवेक्षकों को दिए गए भारी वेतन का भी विरोध किया था। केवाईएस दिल्ली राज्य समिति सदस्य हरीश गौतम ने कहा कि एसओएल में पहले भी भ्रष्टाचार और पैसों की धांधली का मुद्दा जब-तब उठता रहता है।
केवाईएस का कहना है कि एसओएल छात्रों के लिए कॉलेजों में पर्सनल कॉन्टेक्ट प्रोग्राम (पीसीपी) कक्षाएं लगाई जाती हैं। पीसीपी काउंसलिंग सेशन के लिए प्रशासन की ओर से काफी रुपया दिया जाता है। लेकिन कॉलेज सेंटर सभी विषयों के शिक्षक का इंतजाम नहीं करते हैं। एसओएल की ओर से दिल्ली विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय विकास के लिए करोड़ों रुपये दिए जाते हैं लेकिन छात्रों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती हैं। बीते साल भी केवाईएस ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर फंड के दुरुपयोग समेत अन्य मुद्दों को उठाया था। लेकिन अब तक यह भ्रष्टाचार नहीं रुक सका है।
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रश्मि शर्मा