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पूर्वी दिल्ली की 65 फीसदी आबादी को हाऊस टैक्स में बड़ी राहत
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:19 AM IST
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हेड : अनधिकृत कॉलोनियों में 14 वर्षों का बकाया हाउस टैक्स माफ
सबहेड : भवन मालिकों को अब अप्रैल 2018 के बाद से ही देना होगा कर
प्वाइंटर : पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । अवैध कालोनियों में रहने वालों हजारों परिवारों को पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। स्थायी समिति की बैठक ने इससे संबंधित प्राइवेट प्रस्ताव को पारित कर दिया। इससे पूर्वी दिल्ली की अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वालों को पिछले 14 वर्षों के बकाया चुकाने की बजाय चालू वित्त वर्ष से हाउस टैक्स की अदायगी करनी होगी। इसका फायदा पूर्वी दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों को मिलेगा। पूर्वी निगम क्षेत्र में करीब 65 फीसदी कच्ची कॉलोनियां ही हैं। पूर्वी निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि राजीव कुमार की ओर से रखे प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है। यमुना पार के अधिकतर क्षेत्र में कच्ची अनधिकृत कालोनियां हैं, जिन्हें बड़ी राहत दी गई है।
मकानों के कीमत से भी अधिक हो गया था बकाया
कच्ची कालोनियों में रहने वाले अधिकतर भवन मालिकों ने वर्ष 2004 से हाउस टैक्स नहीं चुकाया। नतीजतन, बकाया इतना बढ़ गया कि कई मालिकों की संपत्ति से भी अधिक हो चुकी है। भवन मालिक 14 वर्षों का बकाया चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में इस प्रस्ताव के पारित होने से कच्ची कालोनियों में रहने वालों को राहत मिली, लेकिन अप्रैल 2018 के बाद हाउस टैक्स चुकाना होगा।
करदाता बढ़ने से बढ़ेगा निगम का राजस्व
वार्ड पांच के पार्षद राजीव कुमार ने बताया कि पूर्वी दिल्ली निगम के 65 फीसदी क्षेत्र कच्ची कालोनियां हैं। 2004 से बकाया इतना बढ़ चुका है कि कई भवन मालिकों के लिए इसकी अदायगी भी मुश्किल हो गई है। समिति के समक्ष रखे प्राइवेट प्रस्ताव के पास होने का बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा। इससे निगम में कर चुकाने वालों की संख्या के साथ साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
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घाट के लिए राशि देना महज चुनावी स्टंट: नेता विपक्ष
बैठक में नेता विपक्ष रेखा त्यागी ने पूर्वी दिल्ली के छठ घाटों पर व्यवस्था के लिए 10-10 हजार रुपये दिए जाने पर सवाल उठाया। मामला उठते ही सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता विपक्ष का कहना है कि पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे निगम के पास कर्मियों की तनख्वाह के पैसे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक वार्ड के लिए 10-10 हजार रुपये दिया जाना पूर्वांचलियों को लुभाने का प्रयास है। यह चुनावी स्टंट से अधिक कुछ नहीं। सदन में कृष्णानगर में तैयार मल्टीलेवल पार्किंग की जल्द शुरुआत, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नियत 351 सड़कों की संख्या बढ़ाने, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट मामले की जांच, मिड डे मील सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति ने दो पास कर दिए गए जबकि दो प्रस्तावों को अगली बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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सबहेड : भवन मालिकों को अब अप्रैल 2018 के बाद से ही देना होगा कर
प्वाइंटर : पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । अवैध कालोनियों में रहने वालों हजारों परिवारों को पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। स्थायी समिति की बैठक ने इससे संबंधित प्राइवेट प्रस्ताव को पारित कर दिया। इससे पूर्वी दिल्ली की अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वालों को पिछले 14 वर्षों के बकाया चुकाने की बजाय चालू वित्त वर्ष से हाउस टैक्स की अदायगी करनी होगी। इसका फायदा पूर्वी दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों को मिलेगा। पूर्वी निगम क्षेत्र में करीब 65 फीसदी कच्ची कॉलोनियां ही हैं। पूर्वी निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि राजीव कुमार की ओर से रखे प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है। यमुना पार के अधिकतर क्षेत्र में कच्ची अनधिकृत कालोनियां हैं, जिन्हें बड़ी राहत दी गई है।
मकानों के कीमत से भी अधिक हो गया था बकाया
कच्ची कालोनियों में रहने वाले अधिकतर भवन मालिकों ने वर्ष 2004 से हाउस टैक्स नहीं चुकाया। नतीजतन, बकाया इतना बढ़ गया कि कई मालिकों की संपत्ति से भी अधिक हो चुकी है। भवन मालिक 14 वर्षों का बकाया चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में इस प्रस्ताव के पारित होने से कच्ची कालोनियों में रहने वालों को राहत मिली, लेकिन अप्रैल 2018 के बाद हाउस टैक्स चुकाना होगा।
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करदाता बढ़ने से बढ़ेगा निगम का राजस्व
वार्ड पांच के पार्षद राजीव कुमार ने बताया कि पूर्वी दिल्ली निगम के 65 फीसदी क्षेत्र कच्ची कालोनियां हैं। 2004 से बकाया इतना बढ़ चुका है कि कई भवन मालिकों के लिए इसकी अदायगी भी मुश्किल हो गई है। समिति के समक्ष रखे प्राइवेट प्रस्ताव के पास होने का बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा। इससे निगम में कर चुकाने वालों की संख्या के साथ साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
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घाट के लिए राशि देना महज चुनावी स्टंट: नेता विपक्ष
बैठक में नेता विपक्ष रेखा त्यागी ने पूर्वी दिल्ली के छठ घाटों पर व्यवस्था के लिए 10-10 हजार रुपये दिए जाने पर सवाल उठाया। मामला उठते ही सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता विपक्ष का कहना है कि पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे निगम के पास कर्मियों की तनख्वाह के पैसे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक वार्ड के लिए 10-10 हजार रुपये दिया जाना पूर्वांचलियों को लुभाने का प्रयास है। यह चुनावी स्टंट से अधिक कुछ नहीं। सदन में कृष्णानगर में तैयार मल्टीलेवल पार्किंग की जल्द शुरुआत, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नियत 351 सड़कों की संख्या बढ़ाने, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट मामले की जांच, मिड डे मील सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति ने दो पास कर दिए गए जबकि दो प्रस्तावों को अगली बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया।