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- लेट होने पर जुर्माने में लगेगा 12 फीसदी की दर से ब्याज
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:19 AM IST
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एनजीटी ने डीपीसीसी पर लगाया एक लाख का जुर्माना
- डीडीए कबाड़ी बाजार में अवैध इकाइयों को बंद नहीं कराने पर कार्रवाई
- लेट होने पर जुर्माने में लगेगा 12 फीसदी की दर से ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने यह जुर्माना दिल्ली के गोकलपुर गांव स्थित डीडीए कबाड़ी बाजार में डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले अवैध इकाइयों पर कार्रवाई करने और उन्हें बंद कराने के आदेश का सही से अमल न करने के लिए लगाया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एक महीने के भीतर जुर्माने की राशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास नहीं जमा की जाती है तो जुर्माने की राशि पर 12 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा।
प्रधान पीठ ने कहा कि हाल ही में दिए गए आदेश पर डीपीसीसी ने सही से अमल नहीं किया। डीपीसीसी से उम्मीद की गई थी कि वह गोकलपुर गांव में चल रही अवैध इकाइयों को बंद कराएगा, लेकिन बिना तथ्यों की जांच किए उसने औद्योगिक इकाइयों के एसोसिएशन की बात को ही सही मानकर रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल कर दी। वहीं, सुनवाई के दौरान डीपीसीसी ने एनजीटी को आश्वासन दिया है कि वह आदेश का पालन करते हुए जल्द डेंटिंग-पेंटिंग करने वाली अवैध इकाइयों को बंद कराएगा।
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- डीडीए कबाड़ी बाजार में अवैध इकाइयों को बंद नहीं कराने पर कार्रवाई
- लेट होने पर जुर्माने में लगेगा 12 फीसदी की दर से ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने यह जुर्माना दिल्ली के गोकलपुर गांव स्थित डीडीए कबाड़ी बाजार में डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले अवैध इकाइयों पर कार्रवाई करने और उन्हें बंद कराने के आदेश का सही से अमल न करने के लिए लगाया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एक महीने के भीतर जुर्माने की राशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास नहीं जमा की जाती है तो जुर्माने की राशि पर 12 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा।
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प्रधान पीठ ने कहा कि हाल ही में दिए गए आदेश पर डीपीसीसी ने सही से अमल नहीं किया। डीपीसीसी से उम्मीद की गई थी कि वह गोकलपुर गांव में चल रही अवैध इकाइयों को बंद कराएगा, लेकिन बिना तथ्यों की जांच किए उसने औद्योगिक इकाइयों के एसोसिएशन की बात को ही सही मानकर रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल कर दी। वहीं, सुनवाई के दौरान डीपीसीसी ने एनजीटी को आश्वासन दिया है कि वह आदेश का पालन करते हुए जल्द डेंटिंग-पेंटिंग करने वाली अवैध इकाइयों को बंद कराएगा।
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