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मुख्य सचिव की याचिका पर केंद्र व दिल्ली सराकर को नोटिस
Updated Thu, 15 Nov 2018 03:31 AM IST
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मुख्य सचिव की याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस
विशेषाधिकार हनन कार्यवाही को मुख्य सचिव ने दी है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव अंशू प्रकाश की याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार सहित विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य सचिव ने उनके खिलाफ शुरू की गई विशेषाधिकार हनन की प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
जस्टिस विभू बाखरू ने अंशू प्रकाश ने मामले की सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय की है।
मुख्य सचिव के खिलाफ प्रश्न एवं संदर्भ कमेटी और प्रोटोकोल कमेटी ने शिकायत की थी। इस शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुुरू की गई थी। इस कार्यवाही को मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही उनके कमेटी के समक्ष पेश होने से छूट दे दी थी। इसके बाद भी उन्हें पेश होने के लिए दो बार नोटिस जारी किया गया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकीलों ने कहा कि जिन 11 विधायकों को मुख्य सचिव से मारपीट मामले में आरोपी बनाया गया है। वह इन समितियों का हिस्सा नहीं हैं तो फिर समिति के समक्ष पेश होने में दिक्कत क्या है। दिल्ली सरकार की इस दलील का विरोध करते हुए मुख्य सचिव के वकील ने कहा कि वह अखिलेशपति त्रिपाठी, चौधरी फतेह सिंह व सौरभ भारद्वाज जैसे वकील इन समितियों का हिस्सा हैं, जिन्होंने अंशू प्रकाश की शिकायत कर रखी है। जब अंशू प्रकाश खुद नहीं जाते हैं तो अपने सचिव को भेजते हैं, लेकिन उस समय समिति बैठक रद्द कर देती है।
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विशेषाधिकार हनन कार्यवाही को मुख्य सचिव ने दी है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव अंशू प्रकाश की याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार सहित विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य सचिव ने उनके खिलाफ शुरू की गई विशेषाधिकार हनन की प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
जस्टिस विभू बाखरू ने अंशू प्रकाश ने मामले की सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय की है।
मुख्य सचिव के खिलाफ प्रश्न एवं संदर्भ कमेटी और प्रोटोकोल कमेटी ने शिकायत की थी। इस शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुुरू की गई थी। इस कार्यवाही को मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही उनके कमेटी के समक्ष पेश होने से छूट दे दी थी। इसके बाद भी उन्हें पेश होने के लिए दो बार नोटिस जारी किया गया था।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकीलों ने कहा कि जिन 11 विधायकों को मुख्य सचिव से मारपीट मामले में आरोपी बनाया गया है। वह इन समितियों का हिस्सा नहीं हैं तो फिर समिति के समक्ष पेश होने में दिक्कत क्या है। दिल्ली सरकार की इस दलील का विरोध करते हुए मुख्य सचिव के वकील ने कहा कि वह अखिलेशपति त्रिपाठी, चौधरी फतेह सिंह व सौरभ भारद्वाज जैसे वकील इन समितियों का हिस्सा हैं, जिन्होंने अंशू प्रकाश की शिकायत कर रखी है। जब अंशू प्रकाश खुद नहीं जाते हैं तो अपने सचिव को भेजते हैं, लेकिन उस समय समिति बैठक रद्द कर देती है।
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