{"_id":"5be8bf8cbdec2269317c9bb2","slug":"15419799961-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी वाहनों का पंजीकरण अपने पास रखने के लिए परिवहन विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरी वाहनों का पंजीकरण अपने पास रखने के लिए परिवहन विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोरी हुए वाहनों का पंजीकरण अपने
पास रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी
- पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद 180 दिनों के भीतर करना होगा आवेदन
- पहले कभी भी आवेदन करने की थी छूट, समय सीमा नहीं थी निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन विभाग ने चोरी हुए वाहनों की पंजीकरण संख्या को वाहन मालिकों द्वारा अपने पास रखे जाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। चोरी के बाद वाहन न मिलने की स्थिति में पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद 180 दिनों के भीतर ही पंजीकरण को अपने पास रखने का आवेदन करना होगा।
परिवहन के सूत्रों के मुताबिक, चोरी हुए वाहनों की पंजीकरण संख्या का दुरुपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले चोरी हुए वाहन की पंजीकरण संख्या को अपने पास रखने के लिए वाहन मालिक कभी भी आवेदन कर सकते थे। पहले इस संबंध में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी। इस प्रावधान के दुरुपयोग के संबंध में मिली शिकायतों के आधार पर परिवहन विभाग ने इन नियमों में संशोधन किया है।
परिवहन विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, वाहन चोरी होने के बाद मालिक को चोरी की प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। अगर पुलिस को वाहन नहीं मिलता है तो वाहन मालिक को इस संबंध में पुलिस से रिपोर्ट लेनी होगी, जिसे चोरी वाहन की पंजीकरण संख्या को अपने पास रखने के लिए आवेदन के साथ संलग्र करके परिवहन विभाग को दिखाना होगा। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि नई नीति के तहत वाहन चोरी की प्राथमिकी दर्ज करवाते वक्त वाहन का बीमा के अधीन होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पास रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी
- पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद 180 दिनों के भीतर करना होगा आवेदन
- पहले कभी भी आवेदन करने की थी छूट, समय सीमा नहीं थी निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन विभाग ने चोरी हुए वाहनों की पंजीकरण संख्या को वाहन मालिकों द्वारा अपने पास रखे जाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। चोरी के बाद वाहन न मिलने की स्थिति में पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद 180 दिनों के भीतर ही पंजीकरण को अपने पास रखने का आवेदन करना होगा।
परिवहन के सूत्रों के मुताबिक, चोरी हुए वाहनों की पंजीकरण संख्या का दुरुपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले चोरी हुए वाहन की पंजीकरण संख्या को अपने पास रखने के लिए वाहन मालिक कभी भी आवेदन कर सकते थे। पहले इस संबंध में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी। इस प्रावधान के दुरुपयोग के संबंध में मिली शिकायतों के आधार पर परिवहन विभाग ने इन नियमों में संशोधन किया है।
विज्ञापन
परिवहन विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, वाहन चोरी होने के बाद मालिक को चोरी की प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। अगर पुलिस को वाहन नहीं मिलता है तो वाहन मालिक को इस संबंध में पुलिस से रिपोर्ट लेनी होगी, जिसे चोरी वाहन की पंजीकरण संख्या को अपने पास रखने के लिए आवेदन के साथ संलग्र करके परिवहन विभाग को दिखाना होगा। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि नई नीति के तहत वाहन चोरी की प्राथमिकी दर्ज करवाते वक्त वाहन का बीमा के अधीन होना चाहिए।
विज्ञापन