{"_id":"5be8bf74bdec227eda0319d4","slug":"15419799726-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्योहारों में शरीक होने जाने वालों की उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्योहारों में शरीक होने जाने वालों की उमड़ी भीड़
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘लाख मुसीबत झेलेंगे पर घर जाएंगे जरूर’
- टिकट खिड़की से ट्रेन में चढ़ने तक करनी पड़ रही है जद्दोजहद
- बड़ी संख्या में छठ महापर्व पर शरीक होने के लिए रवाना हुए यात्री
- स्टेशनों पर उमड़ रही भीड़ से निपटना प्रशासन के लिए बन रही चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। छठ महापर्व पर हर कोई लाख मुसीबत झेलकर भी घर पहुंचना चाहता है। रविवार को स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों का एक ही लक्ष्य दिख रहा था किसी तरह ट्रेन में चढ़ जाएं। भले ही सीट नहीं मिले। कई यात्री तो ऐसे मिले जो खड़े होकर एक हजार किलोमीटर की यात्रा करने को राजी दिखे। लेकिन वह हरहाल में घर पहुंचाना चाहते थे। छुट्टी का दिन होने के चलते रेलवे प्रबंधन की तैयारियां धरी की धरी रह गई।
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली गाड़ियाें संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति, सत्याग्रह, वैशाली, पूर्वा, संपर्क क्रांति, लिच्छवी, महाबोधी आदि ट्रेनों में भीड़ का आलम यह रहा कि शौचालय में तक लोग खड़े दिखे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कोच की गेट तक पहुंचना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। पुलिस प्रबंधन भी स्टेशन से भीड़ कम करने को यात्रियों को जबरन कोच में ठेलते देखा गया। इतना ही नहीं आनंद विहार, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर तो अफरा-तफरी का माहौल था। रेलवे स्टेशन परिसर के गेट से ही लंबी-लंबी लाइनें लगीं थीं।
----------------
काउंटर से टिकट लेना मुश्किल
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनें फुल हैं। आरक्षित टिकट नहीं मिलने की स्थिति में अनारक्षित टिकट लेेने को यात्री मजबूर हैं। गया, भागलपुर, जयनगर, पटना, दरभंगा, बरौनी, मुजफ्फरपुर के लिए चलने वाली पूजा स्पेशल ट्रेनों का भी बुरा हाल रहा।
विज्ञापन
-----------
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन-
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेनों के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा था। सुबह से ही प्लेटफार्म पर ट्रेन के इंतजार में यात्री डेरा डाले हुए थे। स्टेशन रैन बसेरे में तब्दील हो गया है। ट्रेन की उद्घोषणा के चार घंटे पहले ही प्लेटफार्म पर लाइन लग जाती है।
--------------
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन-
रविवार को यात्री किसी तरह धक्कामुक्की कर बर्थ तक पहुंच पा रहे थे। स्लीपर कोच की बात करे तो एक बर्थ पर तीन से अधिक लोग यात्रा करने को मजबूर दिखे। भीड़ इतनी थी कि कई यात्री खिड़की से कोच में प्रवेश करते दिखे।
------------
आनंद विहार स्टेशन का हाल बेहाल
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर यूं तो रेलवे ने बेहतर इंतजाम किया है। यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर के बाहर टेंट भी लगे है। इसके बावजूद पूर्वांचल की तरफ जाने वाली भीड़ के सामने व्यवस्था बौनी दिखी। सप्तक्रांति, लिच्छवी ट्रेन के शौचालय भी यात्रियों से भरा दिखा।
-----
रेलवे इंक्वायरी का फूला दम
रेलवे इंक्वायरी सर्विस भी इनदिनों लगातार यात्रियों को रुला रही है। रेलवे की साइट पर बार बार यह मैसेज आ रहा है कि ड्यू टू ओवर लोड ऑल इंक्वायरी फेल, प्लीज यूज 139 नंबर। जबकि 139 पर भी ठीक से ट्रेन से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। आरक्षण से संबंधित जानकारी पूछने पर करेंटली नॉट एवेलेबल का मैसेज मिल रहा है। ऑन लाइन इंक्वायरी में कैप्चा ही गायब दिखाई दे रहा है, जिससे यात्रियों को बर्थ संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों की जेब से पैसा तो खर्च हो जा रहा है लेकिन जानकारी हासिल नहंी हो रही है।
विज्ञापन
- टिकट खिड़की से ट्रेन में चढ़ने तक करनी पड़ रही है जद्दोजहद
- बड़ी संख्या में छठ महापर्व पर शरीक होने के लिए रवाना हुए यात्री
- स्टेशनों पर उमड़ रही भीड़ से निपटना प्रशासन के लिए बन रही चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। छठ महापर्व पर हर कोई लाख मुसीबत झेलकर भी घर पहुंचना चाहता है। रविवार को स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों का एक ही लक्ष्य दिख रहा था किसी तरह ट्रेन में चढ़ जाएं। भले ही सीट नहीं मिले। कई यात्री तो ऐसे मिले जो खड़े होकर एक हजार किलोमीटर की यात्रा करने को राजी दिखे। लेकिन वह हरहाल में घर पहुंचाना चाहते थे। छुट्टी का दिन होने के चलते रेलवे प्रबंधन की तैयारियां धरी की धरी रह गई।
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली गाड़ियाें संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति, सत्याग्रह, वैशाली, पूर्वा, संपर्क क्रांति, लिच्छवी, महाबोधी आदि ट्रेनों में भीड़ का आलम यह रहा कि शौचालय में तक लोग खड़े दिखे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कोच की गेट तक पहुंचना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। पुलिस प्रबंधन भी स्टेशन से भीड़ कम करने को यात्रियों को जबरन कोच में ठेलते देखा गया। इतना ही नहीं आनंद विहार, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर तो अफरा-तफरी का माहौल था। रेलवे स्टेशन परिसर के गेट से ही लंबी-लंबी लाइनें लगीं थीं।
विज्ञापन
----------------
काउंटर से टिकट लेना मुश्किल
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनें फुल हैं। आरक्षित टिकट नहीं मिलने की स्थिति में अनारक्षित टिकट लेेने को यात्री मजबूर हैं। गया, भागलपुर, जयनगर, पटना, दरभंगा, बरौनी, मुजफ्फरपुर के लिए चलने वाली पूजा स्पेशल ट्रेनों का भी बुरा हाल रहा।
विज्ञापन
-----------
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन-
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेनों के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा था। सुबह से ही प्लेटफार्म पर ट्रेन के इंतजार में यात्री डेरा डाले हुए थे। स्टेशन रैन बसेरे में तब्दील हो गया है। ट्रेन की उद्घोषणा के चार घंटे पहले ही प्लेटफार्म पर लाइन लग जाती है।
--------------
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन-
रविवार को यात्री किसी तरह धक्कामुक्की कर बर्थ तक पहुंच पा रहे थे। स्लीपर कोच की बात करे तो एक बर्थ पर तीन से अधिक लोग यात्रा करने को मजबूर दिखे। भीड़ इतनी थी कि कई यात्री खिड़की से कोच में प्रवेश करते दिखे।
------------
आनंद विहार स्टेशन का हाल बेहाल
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर यूं तो रेलवे ने बेहतर इंतजाम किया है। यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर के बाहर टेंट भी लगे है। इसके बावजूद पूर्वांचल की तरफ जाने वाली भीड़ के सामने व्यवस्था बौनी दिखी। सप्तक्रांति, लिच्छवी ट्रेन के शौचालय भी यात्रियों से भरा दिखा।
-----
रेलवे इंक्वायरी का फूला दम
रेलवे इंक्वायरी सर्विस भी इनदिनों लगातार यात्रियों को रुला रही है। रेलवे की साइट पर बार बार यह मैसेज आ रहा है कि ड्यू टू ओवर लोड ऑल इंक्वायरी फेल, प्लीज यूज 139 नंबर। जबकि 139 पर भी ठीक से ट्रेन से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। आरक्षण से संबंधित जानकारी पूछने पर करेंटली नॉट एवेलेबल का मैसेज मिल रहा है। ऑन लाइन इंक्वायरी में कैप्चा ही गायब दिखाई दे रहा है, जिससे यात्रियों को बर्थ संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों की जेब से पैसा तो खर्च हो जा रहा है लेकिन जानकारी हासिल नहंी हो रही है।