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न्यूनतम मजदूरी कानून पर मिली राहत को केजरीवाल ने बताया मजदूरों की जीत
Updated Thu, 01 Nov 2018 05:33 AM IST
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हेड : भाजपा नहीं चाहती कि मजदूरों के वेतन बढे़ : केजरीवाल
सबहेड : मुख्यमंत्री ने न्यूनतम वेतन पर सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत को मजदूरों की जीत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी (आप) ने संशोधित न्यूनतम मजदूरी कानून पर सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली सरकार को मिली अंतरिम राहत को मजदूरों की जीत बताया है। सरकार का कहना है कि तीन महीने के भीतर इससे जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री समेत सभी नेताओं ने केंद्र सरकार व उपराज्यपाल पर हमला भी बोला।
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि अमीरों के दबाव में भाजपा नहीं चाहती कि मजदूरों के वेतन बढ़े। पहले इसे उपराज्यपाल के जरिये रुकवाया गया। फिर, भाजपा के कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में जाकर यही काम किया। इसके बावजूद आप सरकार ने हार नहीं मानी और मजदूरों के लिए लड़ती रही। सुप्रीम कोर्ट ने इंसाफ किया। आगे भी गरीबों के हकों के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
श्रम मंत्री ने मजदूरों को दी बधाई
श्रम मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के मजदूरों को बधाई देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने न्यूनतम मजदूरी पर अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि बढ़ी हुई दरों पर न्यूनतम मजदूरी मिलती रहेगी। दिल्ली सरकार 3 महीनों के भीतर तकनीकी प्रक्रिया दोबारा पूरी करेगी। पार्टी प्रवक्ता और उत्तर पूर्वी दिल्ली से आप के लोक सभा प्रभारी दिलीप पांडेय ने कहा कि अदालत ने मजदूरों का ख्याल रखते हुए बड़ा फैसला दिया है। यह न्याय की जीत है। आप कभी भी मजदूरों के हक की लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगी।
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तीन माह में पूरी करने होगी तकनीकी प्रक्रिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते चार अगस्त को दिल्ली सरकार के मार्च 2017 के न्यूनतम वेतन को संशोधित करने के आदेश को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अंतरिम राहत देते हुए बढ़ी दरों पर न्यूनतम मजदूरी देने की इजाजत दे दी है। लेकिन तीन महीने के भीतर सरकार को तकनीकी प्रक्रिया दुबारा पूरी करनी होगी।
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सबहेड : मुख्यमंत्री ने न्यूनतम वेतन पर सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत को मजदूरों की जीत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी (आप) ने संशोधित न्यूनतम मजदूरी कानून पर सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली सरकार को मिली अंतरिम राहत को मजदूरों की जीत बताया है। सरकार का कहना है कि तीन महीने के भीतर इससे जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री समेत सभी नेताओं ने केंद्र सरकार व उपराज्यपाल पर हमला भी बोला।
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि अमीरों के दबाव में भाजपा नहीं चाहती कि मजदूरों के वेतन बढ़े। पहले इसे उपराज्यपाल के जरिये रुकवाया गया। फिर, भाजपा के कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में जाकर यही काम किया। इसके बावजूद आप सरकार ने हार नहीं मानी और मजदूरों के लिए लड़ती रही। सुप्रीम कोर्ट ने इंसाफ किया। आगे भी गरीबों के हकों के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
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श्रम मंत्री ने मजदूरों को दी बधाई
श्रम मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के मजदूरों को बधाई देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने न्यूनतम मजदूरी पर अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि बढ़ी हुई दरों पर न्यूनतम मजदूरी मिलती रहेगी। दिल्ली सरकार 3 महीनों के भीतर तकनीकी प्रक्रिया दोबारा पूरी करेगी। पार्टी प्रवक्ता और उत्तर पूर्वी दिल्ली से आप के लोक सभा प्रभारी दिलीप पांडेय ने कहा कि अदालत ने मजदूरों का ख्याल रखते हुए बड़ा फैसला दिया है। यह न्याय की जीत है। आप कभी भी मजदूरों के हक की लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगी।
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तीन माह में पूरी करने होगी तकनीकी प्रक्रिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते चार अगस्त को दिल्ली सरकार के मार्च 2017 के न्यूनतम वेतन को संशोधित करने के आदेश को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अंतरिम राहत देते हुए बढ़ी दरों पर न्यूनतम मजदूरी देने की इजाजत दे दी है। लेकिन तीन महीने के भीतर सरकार को तकनीकी प्रक्रिया दुबारा पूरी करनी होगी।