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करवाचौथ भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महापर्व:जगदीश मुखी
Updated Sun, 28 Oct 2018 06:20 AM IST
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करवा चौथ भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक
पहचान का महापर्व: जगदीश मुखी
- सीमा पर रक्षा कर रहे जवानों की पत्नियों के लिए समर्पित रहा कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जनकपुरी के दशहरा मैदान में करवाचौथ का कार्यक्रम मनाया गया। महिला जागृति मंच की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, पत्नी प्रेम मुखी के साथ मौजूद रहे। पति की लंबी उम्र के साथ इस बार करवा चौथ कार्यक्रम सीमा पर रक्षा कर रहे जवानों की पत्नियों को समर्पित किया गया।
राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने कहा कि करवाचौथ भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महापर्व है। भारत में ही नहीं, विदेशों में भी इस पर्व की काफी चर्चा होती है। मीडिया ने इस पर्व को ग्लोबल बना दिया है। महिला जागृति मंच की संस्थापक प्रेममुखी ने कहा कि 20 वर्ष पहले उन्हें करवा चौथ पूजा को सामूहिक तौर पर मनाने का विचार आया, जिसके बाद से मंच ने बढ़ चढ़कर इस आयोजन को हर साल सफलता से मनाया। करवाचौथ पूजा पति-पत्नी के बीच खट्टे-मीठे रिश्ते को और ज्यादा प्रगाढ़ करती है।
महिला जागृति मंच की अध्यक्ष पारुल मुखी ने कहा कि करवाचौथ पूजा केवल एक व्रत नहीं, बल्कि यह पति और पत्नी के बीच आपसी प्रेम, विश्वास और जीवन में आगे बढ़ते रहने का एक अटूट रिश्ता है। बतौर मुख्य अतिथि इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पत्नी कंचन गडकरी भी उपस्थित रही। उन्होंने कहा कि सुहागिन महिलाओं को इस पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। कार्यक्रम में कई नवविवाहित जोड़ों समेत पश्चिमी जिला भाजपा के अध्यक्ष रमेश खन्ना, उपाध्यक्ष अतुल मुखी, दक्षिणी दिल्ली एमसीडी की नेता सदन कंवलजीत सहरावत, मधु कुमार, श्वेता कत्याल, डॉक्टर कमल सिंघल, निगम पार्षद और पदाधिकारी अपने जीवन साथी के साथ पहुंचे। सामूहिक पूजा के लिए पंडाल को सुव्यवस्थित तरीके से सजाकर 33 चक्र बनाए गए थे, जहां सुहागिनों ने कथा को सुना और थाली की रस्म को निभाया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति खंडेलवाल ने किया।
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पहचान का महापर्व: जगदीश मुखी
- सीमा पर रक्षा कर रहे जवानों की पत्नियों के लिए समर्पित रहा कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जनकपुरी के दशहरा मैदान में करवाचौथ का कार्यक्रम मनाया गया। महिला जागृति मंच की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, पत्नी प्रेम मुखी के साथ मौजूद रहे। पति की लंबी उम्र के साथ इस बार करवा चौथ कार्यक्रम सीमा पर रक्षा कर रहे जवानों की पत्नियों को समर्पित किया गया।
राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने कहा कि करवाचौथ भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महापर्व है। भारत में ही नहीं, विदेशों में भी इस पर्व की काफी चर्चा होती है। मीडिया ने इस पर्व को ग्लोबल बना दिया है। महिला जागृति मंच की संस्थापक प्रेममुखी ने कहा कि 20 वर्ष पहले उन्हें करवा चौथ पूजा को सामूहिक तौर पर मनाने का विचार आया, जिसके बाद से मंच ने बढ़ चढ़कर इस आयोजन को हर साल सफलता से मनाया। करवाचौथ पूजा पति-पत्नी के बीच खट्टे-मीठे रिश्ते को और ज्यादा प्रगाढ़ करती है।
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महिला जागृति मंच की अध्यक्ष पारुल मुखी ने कहा कि करवाचौथ पूजा केवल एक व्रत नहीं, बल्कि यह पति और पत्नी के बीच आपसी प्रेम, विश्वास और जीवन में आगे बढ़ते रहने का एक अटूट रिश्ता है। बतौर मुख्य अतिथि इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पत्नी कंचन गडकरी भी उपस्थित रही। उन्होंने कहा कि सुहागिन महिलाओं को इस पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। कार्यक्रम में कई नवविवाहित जोड़ों समेत पश्चिमी जिला भाजपा के अध्यक्ष रमेश खन्ना, उपाध्यक्ष अतुल मुखी, दक्षिणी दिल्ली एमसीडी की नेता सदन कंवलजीत सहरावत, मधु कुमार, श्वेता कत्याल, डॉक्टर कमल सिंघल, निगम पार्षद और पदाधिकारी अपने जीवन साथी के साथ पहुंचे। सामूहिक पूजा के लिए पंडाल को सुव्यवस्थित तरीके से सजाकर 33 चक्र बनाए गए थे, जहां सुहागिनों ने कथा को सुना और थाली की रस्म को निभाया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति खंडेलवाल ने किया।
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