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साइबर क्राइम को लेकर दिल्ली पुलिस की अच्छी पहल...
Updated Wed, 24 Oct 2018 05:52 AM IST
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साइबर क्राइम से बचाने को दिल्ली पुलिस ने लगाई क्लास
सबहेड
- डीयू सहित उत्तरी दिल्ली के स्कूलों के करीब 3000 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में किया शिरकत क्रासर
- पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य विशेषज्ञों ने छात्रों को दिए टिप्स
- दिखाई गई बी साइबर सेफ लघु फिल्म, दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बुकलेट भी किया लांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया का युवाओं में क्रेज है। फिर भी जाने-अनजाने युवा साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। ऐसे युवाओं और स्कूली छात्रों को साइबर अपराध से बचाने के लिए सोमवार को उत्तरी दिल्ली पुलिस की ओर से डीयू रग्बी ग्राउंड में पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक व कई साइबर विशेषज्ञों ने करीब 3000 हजार छात्रों को साइबर अपराध के कानूनी पक्ष की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बी साइबर सेफ के नाम से एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसी नाम से एक बुकलेट भी लांच किया गया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि अब देश के ज्यादातर लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं में इसके इस्तेमाल की ज्यादा ललक है। ऐसे में जाने-अनजाने वह साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। इन अपराधों से बचाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। साइबर कानून के अधिवक्ता पवन दुग्गल ने छात्रों को बताया कि किस तरह छोटी सी चूक से वह व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया पर फंस सकते हैं। इससे बचने को पवन ने छात्रों को टिप्स दी। डीसीपी साइबर क्राइम अनेश रॉय ने सोशल मीडिया पर झांसा देने वालों की पहचान की जानकारी दी।
पाठशाला में साइबर क्राइम में फंसने पर उन्हें कहां-कैसे शिकायत करनी है इसके बारे में बताया गया। वहीं, राहुल त्यागी और जतिन जैन ने साइबर ठगी और उससे बचने के बारे में छात्रों को बताया। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कार्यक्रम के दौरान बी साइबर सेफ नामक एक बुकलेट लांच की। पुलिस आयुक्त ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध को लेकर बड़ा ढांचा तैयार कर उससे निपटने की तैयारी कर ली है। हर जिले में साइबर सेल बना दिया गया है। कार्यक्रम में कई विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीसीपी मौजूद रहे।
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- डीयू सहित उत्तरी दिल्ली के स्कूलों के करीब 3000 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में किया शिरकत क्रासर
- पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य विशेषज्ञों ने छात्रों को दिए टिप्स
- दिखाई गई बी साइबर सेफ लघु फिल्म, दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बुकलेट भी किया लांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया का युवाओं में क्रेज है। फिर भी जाने-अनजाने युवा साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। ऐसे युवाओं और स्कूली छात्रों को साइबर अपराध से बचाने के लिए सोमवार को उत्तरी दिल्ली पुलिस की ओर से डीयू रग्बी ग्राउंड में पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक व कई साइबर विशेषज्ञों ने करीब 3000 हजार छात्रों को साइबर अपराध के कानूनी पक्ष की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बी साइबर सेफ के नाम से एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसी नाम से एक बुकलेट भी लांच किया गया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि अब देश के ज्यादातर लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं में इसके इस्तेमाल की ज्यादा ललक है। ऐसे में जाने-अनजाने वह साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। इन अपराधों से बचाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। साइबर कानून के अधिवक्ता पवन दुग्गल ने छात्रों को बताया कि किस तरह छोटी सी चूक से वह व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया पर फंस सकते हैं। इससे बचने को पवन ने छात्रों को टिप्स दी। डीसीपी साइबर क्राइम अनेश रॉय ने सोशल मीडिया पर झांसा देने वालों की पहचान की जानकारी दी।
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पाठशाला में साइबर क्राइम में फंसने पर उन्हें कहां-कैसे शिकायत करनी है इसके बारे में बताया गया। वहीं, राहुल त्यागी और जतिन जैन ने साइबर ठगी और उससे बचने के बारे में छात्रों को बताया। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कार्यक्रम के दौरान बी साइबर सेफ नामक एक बुकलेट लांच की। पुलिस आयुक्त ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध को लेकर बड़ा ढांचा तैयार कर उससे निपटने की तैयारी कर ली है। हर जिले में साइबर सेल बना दिया गया है। कार्यक्रम में कई विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व डीसीपी मौजूद रहे।
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