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स्वामी सानंद की याद में श्रद्धांजलि सभा, मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
Updated Tue, 16 Oct 2018 06:44 AM IST
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स्वामी सानंद की याद में श्रद्धांजलि सभा
- प्रो. जीडी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
- गांधी पीस फाउंडेशन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठी
- 23 को राजघाट से शुरू होगी गंगा सद्भावना यात्रा, पहुंचेगी वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की मौत को उनके सहयोगियों ने संदेहास्पद बताया है। गांधी पीस फाउंडेशन में सोमवार को बुलाई गई श्रद्धांजलि सभा में गंगा प्रेमियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके साथ ही स्वामी सानंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा है।
इस मौके पर जल पुरुष डा. राजेंद्र सिंह ने कहा कि अपनी आकस्मिक मृत्यु से एक दिन पहले स्वामी सानंद ने उनसे कहा था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का 80 फीसदी मांगें मान लेने का बयान गलत है। इस बारे में उन्होंने निर्देश दिया था कि वह (राजेंद्र सिंह) दिल्ली जाकर इस बारे में लोगों से बात करें। साथ ही मीडिया के सामने झूठ का भंडाफोड़ किया जाए।
राजेंद्र सिंह के मुताबिक, स्वामी सानंद की अंतिम इच्छा थी कि गंगा भक्ति परिषद का गठन हो, सरकार का नियंत्रण गंगा से हटे, गोमुख से लेकर हरिद्वार तक अलकनंदा व मंदाकिनी का प्रवाह अबाध रहे। खनन पर पूरी तरह से पाबंदी लगे। राजेंद्र सिंह का आरोप है कि सरकार ने इसमें से किसी भी मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई है। सरकारी मसौदे से गंगा नहीं बचेगी।
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श्रद्धांजलि सभा में तय किया गया कि स्वामी सानंद के आंदोलन को आगे ले जाया जाएगा। 23 अक्तूबर को राजघाट से गंगा सद्भावना यात्रा शुरू होगी। 30 शहरों से गुजरती हुए यात्रा अगले एक महीने में वाराणसी पहुंचेगी। बनारस में धर्म संसद का आयोजन होगा।
सभा में जल जन जोड़ो अभियान के संयोजक संजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रामधीरज, अरविंद समेत बड़ी संख्या में गंगा प्रेमी मौजूद थे। इस दौरान लोगों ने स्वामी सानंद से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। उनके साथियों ने स्वामी को देश का सबसे बड़ा नदी विज्ञानी बताया, जिनकी भरपाई कोई दूसरा नहीं कर सकेगा।
गौरतलब है कि अविरल व निर्मल गंगा की मांग के लिए हुए स्वामी सानंद हरिद्वार में आमरण अनशन पर बैठे थे। 112वें दिन उनकी ऋषिकेश स्थित एम्स में मौत हो गई थी।
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स्वामी सानंद की याद में श्रद्धांजलि सभा
- प्रो. जीडी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
- गांधी पीस फाउंडेशन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठी
- 23 को राजघाट से शुरू होगी गंगा सद्भावना यात्रा, पहुंचेगी वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की मौत को उनके सहयोगियों ने संदेहास्पद बताया है। गांधी पीस फाउंडेशन में सोमवार को बुलाई गई श्रद्धांजलि सभा में गंगा प्रेमियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके साथ ही स्वामी सानंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा है।
इस मौके पर जल पुरुष डा. राजेंद्र सिंह ने कहा कि अपनी आकस्मिक मृत्यु से एक दिन पहले स्वामी सानंद ने उनसे कहा था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का 80 फीसदी मांगें मान लेने का बयान गलत है। इस बारे में उन्होंने निर्देश दिया था कि वह (राजेंद्र सिंह) दिल्ली जाकर इस बारे में लोगों से बात करें। साथ ही मीडिया के सामने झूठ का भंडाफोड़ किया जाए।
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राजेंद्र सिंह के मुताबिक, स्वामी सानंद की अंतिम इच्छा थी कि गंगा भक्ति परिषद का गठन हो, सरकार का नियंत्रण गंगा से हटे, गोमुख से लेकर हरिद्वार तक अलकनंदा व मंदाकिनी का प्रवाह अबाध रहे। खनन पर पूरी तरह से पाबंदी लगे। राजेंद्र सिंह का आरोप है कि सरकार ने इसमें से किसी भी मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई है। सरकारी मसौदे से गंगा नहीं बचेगी।
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श्रद्धांजलि सभा में तय किया गया कि स्वामी सानंद के आंदोलन को आगे ले जाया जाएगा। 23 अक्तूबर को राजघाट से गंगा सद्भावना यात्रा शुरू होगी। 30 शहरों से गुजरती हुए यात्रा अगले एक महीने में वाराणसी पहुंचेगी। बनारस में धर्म संसद का आयोजन होगा।
सभा में जल जन जोड़ो अभियान के संयोजक संजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रामधीरज, अरविंद समेत बड़ी संख्या में गंगा प्रेमी मौजूद थे। इस दौरान लोगों ने स्वामी सानंद से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। उनके साथियों ने स्वामी को देश का सबसे बड़ा नदी विज्ञानी बताया, जिनकी भरपाई कोई दूसरा नहीं कर सकेगा।
गौरतलब है कि अविरल व निर्मल गंगा की मांग के लिए हुए स्वामी सानंद हरिद्वार में आमरण अनशन पर बैठे थे। 112वें दिन उनकी ऋषिकेश स्थित एम्स में मौत हो गई थी।