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इमरान हुसैन ने वर्कशाप का किया उद्घाटन
Updated Wed, 10 Oct 2018 06:32 AM IST
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पड़ोसी राज्यों के कारण घुट रहा दिल्ली का दम
- दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने वर्कशाप के उद्घाटन पर कहीं यह बात
-पड़ोसी राज्यों की ओर से उड़कर आने वाले धूल कण और धुएं को दिल्ली में प्रदूषण की बताई सबसे बड़ी वजह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की आबोहवा को खराब करने वाले धूल के कण देश के पश्चिमी हिस्से में पैदा होते हैं। हालांकि, इससे राजस्थान व उसके नजदीकी इलाकों में ज्यादा समस्या नहीं होती। लेकिन दिल्ली में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के साथ मिलकर यह कण समस्या पैदा करते हैं। यह बात दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहीं। वह मंगलवार को उत्तरी दिल्ली में धूल के कणों को रोकने के उपाए से जुड़ी वर्कशाप में बोल रहे थे।
इस मौके पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व केंद्रीय सड़क शोध संस्थान के विशेषज्ञों ने प्रदूषण रोकने के अलग-अलग तरीकों पर चर्चा की। हुसैन ने कहा कि दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। राजस्थान से आने वाले धूल के कणों के अलावा पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली भी राजधानी का हाल बुरा कर देती हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पड़ोसी राज्यों समेत केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर गुजरिश की है कि इस दिशा में कारगर कदम उठाया जाए। बावजूद इसके अभी कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस मौके पर पर्यावरण विभाग, उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी, आरडब्लयूए, स्कूली छात्र शामिल थे।
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- दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने वर्कशाप के उद्घाटन पर कहीं यह बात
-पड़ोसी राज्यों की ओर से उड़कर आने वाले धूल कण और धुएं को दिल्ली में प्रदूषण की बताई सबसे बड़ी वजह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की आबोहवा को खराब करने वाले धूल के कण देश के पश्चिमी हिस्से में पैदा होते हैं। हालांकि, इससे राजस्थान व उसके नजदीकी इलाकों में ज्यादा समस्या नहीं होती। लेकिन दिल्ली में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के साथ मिलकर यह कण समस्या पैदा करते हैं। यह बात दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहीं। वह मंगलवार को उत्तरी दिल्ली में धूल के कणों को रोकने के उपाए से जुड़ी वर्कशाप में बोल रहे थे।
इस मौके पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व केंद्रीय सड़क शोध संस्थान के विशेषज्ञों ने प्रदूषण रोकने के अलग-अलग तरीकों पर चर्चा की। हुसैन ने कहा कि दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। राजस्थान से आने वाले धूल के कणों के अलावा पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली भी राजधानी का हाल बुरा कर देती हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पड़ोसी राज्यों समेत केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर गुजरिश की है कि इस दिशा में कारगर कदम उठाया जाए। बावजूद इसके अभी कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस मौके पर पर्यावरण विभाग, उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी, आरडब्लयूए, स्कूली छात्र शामिल थे।
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