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चिराग दिल्ली में राफेल डील पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
Updated Mon, 08 Oct 2018 05:36 AM IST
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चिराग दिल्ली में राफेल डील पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राफेल डील के खिलाफ रविवार को कांग्रेस पार्टी ने चिराग दिल्ली क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में चिलचिल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस के सैकड़ाें कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन में राफेल जहाज के प्रतिरूप को भी प्रदर्शित किया गया।
दिल्ली के सभी जिलों में राफेल डील घोटाले के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को किए गए प्रदर्शन में पूर्व मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय में 36 राफेल जहाज 18,940 करोड़ में खरीदे जाने थे। जबकि मोदी सरकार ने प्रति जहाज 7.50 बिलियन यूरो अर्थात 1670.70 करोड़ में खरीदने का निर्णय लेकर 36 राफेल जहाज 60,145 करोड़ रुपये में खरीदना तय किया। उनका कहना है कि यह आम आदमी की समझ से बाहर है कि किस प्रकार 36 राफेल जहाज की कीमत में 4 वर्षों में 41,205 करोड़ रुपये का अंतर आ गया।
डॉ. शास्त्री ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार राफेल घोटाले की जांच से भाग रही है। राफेल डील में मोदी सरकार ने देश की बाहरी सुरक्षा व आंतरिक सुरक्षा को ताक पर रखकर जहाज के रखरखाव की जिम्मेदारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड की जगह अपने पूंजीपति मित्र अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को दी है, जो कि 12 दिन पहले ही रजिस्टर्ड हुई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राफेल डील के खिलाफ रविवार को कांग्रेस पार्टी ने चिराग दिल्ली क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में चिलचिल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस के सैकड़ाें कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन में राफेल जहाज के प्रतिरूप को भी प्रदर्शित किया गया।
दिल्ली के सभी जिलों में राफेल डील घोटाले के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को किए गए प्रदर्शन में पूर्व मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय में 36 राफेल जहाज 18,940 करोड़ में खरीदे जाने थे। जबकि मोदी सरकार ने प्रति जहाज 7.50 बिलियन यूरो अर्थात 1670.70 करोड़ में खरीदने का निर्णय लेकर 36 राफेल जहाज 60,145 करोड़ रुपये में खरीदना तय किया। उनका कहना है कि यह आम आदमी की समझ से बाहर है कि किस प्रकार 36 राफेल जहाज की कीमत में 4 वर्षों में 41,205 करोड़ रुपये का अंतर आ गया।
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डॉ. शास्त्री ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार राफेल घोटाले की जांच से भाग रही है। राफेल डील में मोदी सरकार ने देश की बाहरी सुरक्षा व आंतरिक सुरक्षा को ताक पर रखकर जहाज के रखरखाव की जिम्मेदारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड की जगह अपने पूंजीपति मित्र अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को दी है, जो कि 12 दिन पहले ही रजिस्टर्ड हुई थी।
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