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रंगों से स्लम बस्तियों में खुशी लाने की पहल
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:24 AM IST
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रंगों से स्लम बस्तियों में खुशी लाने की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन ने शनिवार को चाणक्यपूरी में पेंट द चेंज से स्लम एरिया में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशी लाने की अनोखी पहल शुरू की। संजय कैंप के घरों की दीवारों पर रंगों के माध्यम से नई कहानी लिखी जा रही है। इसमें कैंप में रहने वाले बच्चों और आम लोगों को भी जोड़ा जा रहा है। ताकि वे अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान सकें। चित्रों में आम जीवन से जुड़ी कहानियों का दर्शाया जा रहा है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चार दिवसीय कार्यक्रम में स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चों को अनुकूल विकास व निर्माण पर जोर देना है। इस परियोजना का मकसद शहर के हर बच्चा स्वास्थ्य, स्वतंत्र व शिक्षित हो। योजना के माध्यम से लेखकों, चित्रकारों, स्वयंसेवकों को जोड़ना है, ताकि वे इन बच्चों को आगे बढ़ाने में सहयोग दे सकें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन ने शनिवार को चाणक्यपूरी में पेंट द चेंज से स्लम एरिया में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशी लाने की अनोखी पहल शुरू की। संजय कैंप के घरों की दीवारों पर रंगों के माध्यम से नई कहानी लिखी जा रही है। इसमें कैंप में रहने वाले बच्चों और आम लोगों को भी जोड़ा जा रहा है। ताकि वे अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान सकें। चित्रों में आम जीवन से जुड़ी कहानियों का दर्शाया जा रहा है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चार दिवसीय कार्यक्रम में स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चों को अनुकूल विकास व निर्माण पर जोर देना है। इस परियोजना का मकसद शहर के हर बच्चा स्वास्थ्य, स्वतंत्र व शिक्षित हो। योजना के माध्यम से लेखकों, चित्रकारों, स्वयंसेवकों को जोड़ना है, ताकि वे इन बच्चों को आगे बढ़ाने में सहयोग दे सकें।