फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप

आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप

Mon, 24 Sep 2018 11:40 PM IST
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप
आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप
विज्ञापन

- अंडरब्रिज व ओवरब्रिज के लिए अधिग्रहीत जमीन के बदले जमीन देने का मामला
- पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की
- प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को बर्खास्त करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा शासित एमसीडी पर भूमि अधिग्रहण की आड़ में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक, नांगलोई इलाके की पंजाबी बस्ती मार्केट में एमसीडी को एक अंडरब्रिज व ओवरब्रिज बनाना था। इसके लिए दुकानदारों की जमीन अधिग्रहण की गई। इसके एवज में दुकानदारों को दी जाने वाली जमीन में गड़बड़झाला किया गया। पार्टी ने इसे बड़ा घोटाला करार देते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। इसके दायरे में ऐसी सभी जगह शामिल हों, जिनका निगम ने हाल-फिलहाल अधिग्रहण किया है। वहीं, अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले में न सिर्फ गलत आवंटन किया गया, बल्कि पूरी आवंटन प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है। नियमावली में साफ कहा गया है कि बेसमेंट वालों को किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) नहीं मिलेगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक दो नहीं, बल्कि आठ लोगों को बेसमेंट की दुकान के बदले 9-9 स्क्वायर मीटर जमीन का आवंटन कर दिया गया। कुल 72 स्क्वायर मीटर जमीन गलत तरीके से आवंटित हुई है। इसकी कीमत करोड़ों में है।
विज्ञापन

दिलीप पांडेय के मुताबिक, एक मामले में जिस जमीन पर दुकान थी, वहां अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसके कुछ रिश्तेदारों के लकड़ी के खोके बनाकर उन्हे मुआवजे वाली सूची में शामिल करवा दिया गया। यह बगैर एमसीडी अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी तरफ, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अनिल लाकड़ा ने कथित घोटाले के पेपर दिखाते हुए कहा कि इस लिस्ट में एक परिवार की 135 स्क्वायर मीटर जमीन अधिग्रहीत की गई। इसके बाद उन्हें 56 स्क्वायर मीटर जमीन मिलनी थी, लेकिन निगम ने भाइयों को अलग-अलग 56-56 स्क्वायर मीटर जमीन दे दी। दिलचस्प यह है कि मुआवजे की लिस्ट में नाम शामिल न होने के बावजूद एक व्यक्ति को जमीन दे दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed