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इको विलेज-2 सोसायटी के जनरेटर को सील करने की प्रक्रिया शुरू
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:44 PM IST
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हेडिंग: इको विलेज-2 सोसायटी के जनरेटर को सील करने की प्रक्रिया शुरू
मानक के अनुरूप चिमनी न लगाने पर यूपीपीसीबी कर रहा तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-2 सोसायटी के जनरेटर को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनरेटर की चिमनी एनजीटी के मानकों के अनुरूप नहीं थी।
दरअसल, लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी, जिस पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की। जांच के बाद 30 जुलाई को बिल्डर को नोटिस भेजा। बिल्डर को सोसायटी के एसटीपी का निर्माण जल्द पूरा कराने व जनरेटर की चिमनियां एनजीटी के नियमों के तहत लगाने का आदेश दिया था। उसके बाद बोर्ड के क्षेत्राधिकारी एके तिवारी ने बिल्डर को नोटिस जारी करके सात दिन का समय देकर एसटीपी का निर्माण कार्य पूर्ण करने व जनरेटर की चिमनियां लगाने को कहा। बिल्डर की तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर यूपीपीसीबी ने 14 सितंबर को फिर नोटिस जारी कर चेतावनी दी। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि बुधवार को बिल्डर के प्रतिनिधियों ने जवाब देने की बात कहीं थी, लेकिन कोई नहीं आया।
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पंचशील बिल्डर पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंचशील ग्रींस बिल्डर पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि शिकायत मिलने पर बिल्डर के ग्रेनो वेस्ट स्थित प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। यहां पर निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माणाधीन टावर पर विंड स्क्रीन की व्यवस्था नहीं मिली। साथ ही, डस्ट गिराने के लिए डस्ट शूट का प्रयोग और जनरेटर की चिमनियां नहीं लगी थीं। इससे आसपास की सोसायटी के लोग धूल और ध्वनि प्रदूषण से परेशान थे। एनजीटी के मानकों का पालन नहीं करने पर बिल्डर के खिलाफ पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिल्डर के अलावा इकोटेक तीन औद्योगिक क्षेत्र की दो कंपनियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन कंपनियों के बाहर कूड़ा जलता हुआ मिला है। कूड़े में दोनों कंपनी से निकला हुआ सामान मिला है। जिस पर यूपीपीसीबी ने जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है।
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इको विलेज-2 सोसायटी में जनरेटर की चिमनियां मानकों के अनुसार नहीं हैं। बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। कोई जवाब नहीं आने पर अब जनरेटर को सील किया जाएगा। जबकि पंचशील ग्रीन सोसायटी के बिल्डर पर भी प्रदूषण फैलाने पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है।
- उत्सव शर्मा, सहायक पर्यावरण अभियंता, यूपीपीएसबी
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मानक के अनुरूप चिमनी न लगाने पर यूपीपीसीबी कर रहा तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज-2 सोसायटी के जनरेटर को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनरेटर की चिमनी एनजीटी के मानकों के अनुरूप नहीं थी।
दरअसल, लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी, जिस पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की। जांच के बाद 30 जुलाई को बिल्डर को नोटिस भेजा। बिल्डर को सोसायटी के एसटीपी का निर्माण जल्द पूरा कराने व जनरेटर की चिमनियां एनजीटी के नियमों के तहत लगाने का आदेश दिया था। उसके बाद बोर्ड के क्षेत्राधिकारी एके तिवारी ने बिल्डर को नोटिस जारी करके सात दिन का समय देकर एसटीपी का निर्माण कार्य पूर्ण करने व जनरेटर की चिमनियां लगाने को कहा। बिल्डर की तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर यूपीपीसीबी ने 14 सितंबर को फिर नोटिस जारी कर चेतावनी दी। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि बुधवार को बिल्डर के प्रतिनिधियों ने जवाब देने की बात कहीं थी, लेकिन कोई नहीं आया।
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पंचशील बिल्डर पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंचशील ग्रींस बिल्डर पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि शिकायत मिलने पर बिल्डर के ग्रेनो वेस्ट स्थित प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। यहां पर निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माणाधीन टावर पर विंड स्क्रीन की व्यवस्था नहीं मिली। साथ ही, डस्ट गिराने के लिए डस्ट शूट का प्रयोग और जनरेटर की चिमनियां नहीं लगी थीं। इससे आसपास की सोसायटी के लोग धूल और ध्वनि प्रदूषण से परेशान थे। एनजीटी के मानकों का पालन नहीं करने पर बिल्डर के खिलाफ पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिल्डर के अलावा इकोटेक तीन औद्योगिक क्षेत्र की दो कंपनियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन कंपनियों के बाहर कूड़ा जलता हुआ मिला है। कूड़े में दोनों कंपनी से निकला हुआ सामान मिला है। जिस पर यूपीपीसीबी ने जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है।
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इको विलेज-2 सोसायटी में जनरेटर की चिमनियां मानकों के अनुसार नहीं हैं। बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। कोई जवाब नहीं आने पर अब जनरेटर को सील किया जाएगा। जबकि पंचशील ग्रीन सोसायटी के बिल्डर पर भी प्रदूषण फैलाने पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है।
- उत्सव शर्मा, सहायक पर्यावरण अभियंता, यूपीपीएसबी