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रिन्यूवल एनर्जी सेक्टर में चीन के बाद भारत है सबसे बड़ा बाजार
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:17 AM IST
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रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में चीन
के बाद भारत सबसे बड़ा बाजार
- तीन दिवसीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो-2018 शुरू, 2022 तक 2.25 लाख मेगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
- इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में 750 प्रदर्शक, एक हजार बायर्स आने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। चीन के बाद रिन्यूएबल एनर्जी में भारत सबसे बड़ा बाजार है। वर्ष 2022 तक देश में दो लाख 25 हजार मेगावाट क्षमता रिन्यूएबल एनर्जी से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को यह बात मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव मनु श्रीवास्तव ने कही। वह यूबीएम इंडिया के तत्वावधान में नॉलेज पार्क-2 स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में शुरू हुए तीन दिवसीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो-2018 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो के 12वें संस्करण में लगभग 45 देशों से करीब 750 प्रदर्शक आए हैं। जिसमें से चीन, जापान और जर्मनी से बड़ी संख्या में प्रदर्शक और बायर्स भी आए हैं। इस दौरान आयोजित होने वाले 37 सम्मेलनों में करीब एक हजार से अधिक प्रतिनिधि और 225 से अधिक प्रवक्ता भी हिस्सा लेंगे।
मुख्य अतिथि ने बताया कि भारत ने पिछले सालों के दौरान पारंपरिक स्रोतों की तुलना में नवीकरण स्रोतों से ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाया है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र का और विस्तार होगा, क्योंकि भारत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी एवं निवेश को आकर्षित करने पर विशेष जोर दे रहा है।
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यूबीएम के एमडी योगेश मुद्रास ने बताया कि दुनिया के 10 सबसे बड़े सोलर पार्कों में से आधे सोलर पार्क भारत में निर्माणाधीन हैं। यह सभी प्रयास अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस मौके पर उपस्थित जर्मनी के संघीय राज्य के दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के डॉ. जैसपर वेक, एनईडीओए जापान के कार्यकारी निदेशक तकासी ओमोटे ने भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में चीन
के बाद भारत सबसे बड़ा बाजार
- तीन दिवसीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो-2018 शुरू, 2022 तक 2.25 लाख मेगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
- इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में 750 प्रदर्शक, एक हजार बायर्स आने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। चीन के बाद रिन्यूएबल एनर्जी में भारत सबसे बड़ा बाजार है। वर्ष 2022 तक देश में दो लाख 25 हजार मेगावाट क्षमता रिन्यूएबल एनर्जी से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को यह बात मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव मनु श्रीवास्तव ने कही। वह यूबीएम इंडिया के तत्वावधान में नॉलेज पार्क-2 स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में शुरू हुए तीन दिवसीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो-2018 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो के 12वें संस्करण में लगभग 45 देशों से करीब 750 प्रदर्शक आए हैं। जिसमें से चीन, जापान और जर्मनी से बड़ी संख्या में प्रदर्शक और बायर्स भी आए हैं। इस दौरान आयोजित होने वाले 37 सम्मेलनों में करीब एक हजार से अधिक प्रतिनिधि और 225 से अधिक प्रवक्ता भी हिस्सा लेंगे।
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मुख्य अतिथि ने बताया कि भारत ने पिछले सालों के दौरान पारंपरिक स्रोतों की तुलना में नवीकरण स्रोतों से ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाया है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र का और विस्तार होगा, क्योंकि भारत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी एवं निवेश को आकर्षित करने पर विशेष जोर दे रहा है।
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यूबीएम के एमडी योगेश मुद्रास ने बताया कि दुनिया के 10 सबसे बड़े सोलर पार्कों में से आधे सोलर पार्क भारत में निर्माणाधीन हैं। यह सभी प्रयास अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस मौके पर उपस्थित जर्मनी के संघीय राज्य के दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के डॉ. जैसपर वेक, एनईडीओए जापान के कार्यकारी निदेशक तकासी ओमोटे ने भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।