फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   एनजीटी ने आईटीपीओ से तीन हफ्तों में मांगी रिपोर्ट

एनजीटी ने आईटीपीओ से तीन हफ्तों में मांगी रिपोर्ट

Fri, 14 Sep 2018 06:40 AM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 06:40 AM IST
विज्ञापन
एनजीटी ने आईटीपीओ से तीन हफ्तों में मांगी रिपोर्ट
सवालों के घेरे में आईटीपीओ का विश्वस्तरीय ट्रेड कॉम्पलेक्स
विज्ञापन

-एनजीटी ने आईटीपीओ से पर्यावरण प्रभाव आंकलन की तीन हफ्तों में मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली के प्रगति मैदान में नए सिरे से विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय ट्रेड कॉम्पलेक्स परियोजना को सवालों को घेरे में खड़ा किया है। पीठ ने परियोजना प्रस्तावक इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) से कहा कि उन्हें संदेह है कि परियोजना को लेकर पर्यावरण प्रभाव आकलन और अध्ययन कराया गया है। ऐसे में वह समूची परियोजना की पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआइए) रिपोर्ट तीन हफ्तों में ट्रिब्युनल के समक्ष पेश करें।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि परियोजना के लिए कोई पर्यावरणीय अध्ययन नहीं कराया गया। खासतौर से टनेल और भूतल पार्किंग का आस-पास के भूजल स्तर पर क्या पर्यावरणीय प्रभाव होगा, इसे लेकर कोई अध्ययन नहीं किया गया। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का कहना है कि उसके पास परियोजना की मंजूरी का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। ऐसे में अगली सुनवाई में परियोजना प्रस्तावक इस मुद्दे पर भी अपना पक्ष स्पष्ट रखे। मामले पर अगली सुनवाई 3 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन


तीन हफ्तों में दाखिल करें जवाब
पीठ ने आईटीपीओ को ईआइए रिपोर्ट के अलावा पारिस्थितिकी प्रभाव, संचित आकलन अध्ययन, वायु प्रदूषण और प्रभाव, ट्रैफिक प्रभाव आकलन व अध्ययन आदि रिपोर्ट भी परियोजना प्रस्तावक से ट्रिब्युनल में दाखिल करने का आदेश दिया है। इससे पहले आईटीपीओ की ओर से पेश एडवोकेट संजय जैन ने कहा कि इस परियोजना को लेकर विस्तृत पर्यावरणीय अध्ययन हुआ है। उन्हें तीन हफ्ते की मोहलत चाहिए, जिससे कि वह इसे ट्रिब्युनल के समक्ष पेश कर सकें। पीठ ने कहा कि न्याय को देखते हुए यह मौका दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


4 हजार वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था
सुनवाई के दौरान परियोजना प्रस्तावक की ओर से कहा गया कि परियोजना के कारण इलाके की ट्रैफिक जाम समस्या भी हल होगी। कई टनेल और कई मंजिले वाली पार्किंग बनाई जा रही है। इस पार्किंग में 4 हजार वाहनों के खड़े होने की जगह होगी। कुल 3,26,065 वर्ग मीटर में ट्रेड कॉम्पलेक्स होगा। इसमें 1,19,445 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। जिसमें बैठक और विभिन्न सुविधाओं वाले कमरे होंगे।


बिना मंजूरी लिए ही शुरू हुआ काम
याची का आरोप है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आईटीपीओ को इंटीग्रेटेड एक्जीबीशन कम कंवेंशन सेंटर को विकसित करने के लिए गलत तरीके से पर्यावरण मंजूरी दी गई थी। वहीं आईटीपीओ ने पर्यावरण मंजूरी का आवेदन करने से पहले ही प्रगति मैदान में मौजूद संरचनाओं को ढहाने और आईटीपीओ कॉम्पलेक्स को विकसित करने के लिए काम शुरू कर दिया गया। ऐसे में उन अधिकारियों के खिलाफ जांच होनी चाहिए, जिन्होंने पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अधिसूचना 2006 का पालन किए बिना यह पर्यावरण मंजूरी जारी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed