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कलेक्ट्रेट के आवासीय भवनों के निर्माण की गुणवता खराब
Updated Wed, 12 Sep 2018 04:20 AM IST
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हेडिंग: कलेक्ट्रेट के आवासीय भवनों के निर्माण की गुणवत्ता खराब
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने बताया कि निजी एजेंसी सीएनडीएस ने कलेक्ट्रेट के आवासीय भवनों का निर्माण किया था, लेकिन इनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। इस संबंध में एजेंसी की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि उच्चस्तरीय जांच के बाद कार्रवाई की जा सके।
बैठक में डीएम ने कहा कि मनरेगा योजना का लक्ष्य पूरा करने के लिए संबंधित अफसरों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला स्वयं सहायता समूह बनाने पर बल दिया जाएगा। महिलाओं ने जो सामान तैयार किया है, उनके विपणन की अच्छी व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि सहायता समूह आगे बढ़ सके। सांसद और विधायक निधि के कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। जला पंचायत राज अधिकारी को स्वच्छता से संबंधित सभी कार्यक्रम को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगह पर शौचालय मानकों के अनुसार नहीं तैयार किए गए हैं। ऐसे में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। आखिरी में जिलाधिकारी ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय का ध्यान रखें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए अवधेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राज नारायण सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने बताया कि निजी एजेंसी सीएनडीएस ने कलेक्ट्रेट के आवासीय भवनों का निर्माण किया था, लेकिन इनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। इस संबंध में एजेंसी की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि उच्चस्तरीय जांच के बाद कार्रवाई की जा सके।
बैठक में डीएम ने कहा कि मनरेगा योजना का लक्ष्य पूरा करने के लिए संबंधित अफसरों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला स्वयं सहायता समूह बनाने पर बल दिया जाएगा। महिलाओं ने जो सामान तैयार किया है, उनके विपणन की अच्छी व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि सहायता समूह आगे बढ़ सके। सांसद और विधायक निधि के कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। जला पंचायत राज अधिकारी को स्वच्छता से संबंधित सभी कार्यक्रम को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगह पर शौचालय मानकों के अनुसार नहीं तैयार किए गए हैं। ऐसे में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। आखिरी में जिलाधिकारी ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय का ध्यान रखें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए अवधेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राज नारायण सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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