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खरीदारों को कब्जे की नहीं उम्मीद, वापस मांगा पैसा
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:36 PM IST
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खरीदारों को कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं, वापस मांगा पैसा
रेरा में अंसल और अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 53 मामलों की हुई सुनवाई
आज भी अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 43 मामलों की सुनवाई होगी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर गामा-2 स्थित रेरा के दफ्तर में सोमवार को अंसल और अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के 53 मामलों की सुनवाई हुई। ज्यादातर शिकायतकर्ताओं को कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा है। वहीं मंगलवार को अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 43 मामलों की सुनवाई होगी।
सोमवार को रेरा की सुनवाई में 53 शिकायतकर्ताओं को बुलाया गया था। इनमें 11 मामले अंसल और 42 अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के थे। अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के अर्थ टेकवन के 18, अर्थ टाउनी के 18, अर्थ स्पायर प्रोजेक्ट के 5 और अर्थ ग्रासिया प्रोजेक्ट का एक खरीदार शामिल था। सुबह दस बजे से सुनवाई शुरू हुई। सबसे पहले अंसल बिल्डर के मामलों की सुनवाई हुई। उसके बाद अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामलों को सुना गया।
सुनवाई के दौरान बिल्डर को भी बुलाया गया था, लेकिन बिल्डर नहीं आया। अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर जेल में है। सुनवाई के दौरान 90 प्रतिशत खरीदारों ने रेरा से अपना पैसा वापस दिलाने की मांग की। खरीदारों ने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक राशि बिल्डर को दे चुके है। बिल्डर छह साल से उनके पैसे का प्रयोग कर रहा है। उनको कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में उनका पैसा वापस दिला दें।
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दिल्ली निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उसने वर्ष 2012 में अर्थ बिल्डर के प्रोजेक्ट में 83 लाख रुपये में दुकान खरीदी थी। बिल्डर को अब तक 75 लाख रुपये दे चुका है। वर्ष 2015 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई उम्मीद नहीं है, मैंने अपना पैसा वापस मांगा है। उम्मीद है कि रेरा उसका पैसा वापस दिलवा देगा।
बिल्डर से परेशान लोग पहुंच रहे
शिकायत करने वालों के अलावा ऐसे खरीदार भी रेरा दफ्तर पहुंच रहे हैं, जो बिल्डर से परेशान हैं। सोमवार को एयरविल बिल्डर के इंटेल सिटी प्रोजेक्ट के खरीदार एके भारती पहुंचे और उन्होंने बिल्डर के खिलाफ शिकायत करने के बारे में जानकारी ली। एके भारती ने बताया कि बिल्डर कब्जा नहीं दे रहा है। लंबे समय से काम भी बंद है। वह भी रेरा में शिकायत करेगा।
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रेरा में अंसल और अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 53 मामलों की हुई सुनवाई
आज भी अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 43 मामलों की सुनवाई होगी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर गामा-2 स्थित रेरा के दफ्तर में सोमवार को अंसल और अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के 53 मामलों की सुनवाई हुई। ज्यादातर शिकायतकर्ताओं को कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा है। वहीं मंगलवार को अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के 43 मामलों की सुनवाई होगी।
सोमवार को रेरा की सुनवाई में 53 शिकायतकर्ताओं को बुलाया गया था। इनमें 11 मामले अंसल और 42 अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के थे। अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के अर्थ टेकवन के 18, अर्थ टाउनी के 18, अर्थ स्पायर प्रोजेक्ट के 5 और अर्थ ग्रासिया प्रोजेक्ट का एक खरीदार शामिल था। सुबह दस बजे से सुनवाई शुरू हुई। सबसे पहले अंसल बिल्डर के मामलों की सुनवाई हुई। उसके बाद अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामलों को सुना गया।
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सुनवाई के दौरान बिल्डर को भी बुलाया गया था, लेकिन बिल्डर नहीं आया। अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर जेल में है। सुनवाई के दौरान 90 प्रतिशत खरीदारों ने रेरा से अपना पैसा वापस दिलाने की मांग की। खरीदारों ने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक राशि बिल्डर को दे चुके है। बिल्डर छह साल से उनके पैसे का प्रयोग कर रहा है। उनको कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में उनका पैसा वापस दिला दें।
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दिल्ली निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उसने वर्ष 2012 में अर्थ बिल्डर के प्रोजेक्ट में 83 लाख रुपये में दुकान खरीदी थी। बिल्डर को अब तक 75 लाख रुपये दे चुका है। वर्ष 2015 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई उम्मीद नहीं है, मैंने अपना पैसा वापस मांगा है। उम्मीद है कि रेरा उसका पैसा वापस दिलवा देगा।
बिल्डर से परेशान लोग पहुंच रहे
शिकायत करने वालों के अलावा ऐसे खरीदार भी रेरा दफ्तर पहुंच रहे हैं, जो बिल्डर से परेशान हैं। सोमवार को एयरविल बिल्डर के इंटेल सिटी प्रोजेक्ट के खरीदार एके भारती पहुंचे और उन्होंने बिल्डर के खिलाफ शिकायत करने के बारे में जानकारी ली। एके भारती ने बताया कि बिल्डर कब्जा नहीं दे रहा है। लंबे समय से काम भी बंद है। वह भी रेरा में शिकायत करेगा।