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मरीज को रैफर करने पर डॉक्टर ने एंबुलेंस कर्मचारी को पीटा
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:32 PM IST
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नियम नहीं तोड़ा तो डॉक्टर ने एंबुलेंस कर्मचारी को पीटा
सबहेड
- रेफर करने पर फिर से एंबुलेंस बुक कराने की जानकारी देने पर पिटाई का आरोप
क्रासर
- दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल की घटना
- मौके पर पहुंची पुलिस, डॉक्टरों से खफा हुए एंबुलेंस कर्मचारी
- आए दिन लोकनायक अस्पताल में हो रहीं ऐसी घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मरीज को सफदरजंग अस्पताल में रेफर करने पर कैट्स एंबुलेंस के स्टाफ ने फिर से 102 हेल्पलाइन से एंबुलेंस बुक कराने के नियम की जानकारी दी। आरोप है कि इस बात से नाराज लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी पिटाई कर दी। उधर, एंबुलेंस संचालक कंपनी ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि पीड़ित कर्मचारी ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से एमएलसी कराकर दिल्ली पुलिस को आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है।
दरअसल, दल्लूपुरा गांव निवासी 60 वर्षीय शिवचरन सांस लेने में तकलीफ के चलते लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भर्ती हुए थे, जहां से मरीज को लोकनायक अस्पताल और जीबी पंत के लिए रेफर किया गया था। कॉल मिलने के बाद कैट्स एंबुलेंस लेकर दिलीप पहुंचे। एंबुलेंस में बतौर पैरामेडिकल स्टॉफ दिलीप ने बताया कि जीबी पंत पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी में आकर दिखाने की सलाह दी। इस पर मरीज के परिजनों ने एतराज जताया तो डॉक्टरों ने लोकनायक अस्पताल जाने को कहा। लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जब मरीज को ले जाया गया तो यहां के डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाने को कहा। साथ ही परिजनों से एंबुलेंस कर्मचारी को अंदर बुलाया। कर्मचारी ने सफदरजंग अस्पताल ले जाने की बात पर कहा कि अब परिजनों को दोबारा 102 हेल्पलाइन पर कॉल करना होगा। कंपनी का नियम है कि एक बार जिस अस्पताल तक की कॉल दर्ज की जाती है, वहीं तक सुविधा दे सकते हैं। आरोप है कि इस बात से नाराज डॉक्टर कर्मचारी को खींचकर विभाग के बाहर ले गए। इसके बाद दिलीप की पिटाई कर दी। पीड़ित दिलीप का कहना है कि इस दौरान उसे चोटें आई हैं। इस मामले में अस्पताल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध कराने वाली बीवीजी कंपनी की अधिकारी निवेदिता का कहना है कि इस बाबत उनकी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात हो गई है। उन्होंने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यूनियन खफा, लोकनायक में हर दिन हो रही घटनाएं
इस घटना को लेकर कैट्स यूनियन लोकनायक अस्पताल के डॉक्टरों से खफा है। आरोप है कि यहां आएदिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। मरीजों को भर्ती नहीं करते हैं और एंबुलेंस को कभी एम्स तो कभी सफदरजंग अस्पताल दौड़ा देते हैं। जबकि सांस लेने में तकलीफ होने की परेशानी का इलाज लोकनायक अस्पताल में भी होता है। यूनियन का कहना है कि डॉक्टरों की इस मनमानी के खिलाफ पुलिस और संबंधित अस्पताल को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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- रेफर करने पर फिर से एंबुलेंस बुक कराने की जानकारी देने पर पिटाई का आरोप
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- दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल की घटना
- मौके पर पहुंची पुलिस, डॉक्टरों से खफा हुए एंबुलेंस कर्मचारी
- आए दिन लोकनायक अस्पताल में हो रहीं ऐसी घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मरीज को सफदरजंग अस्पताल में रेफर करने पर कैट्स एंबुलेंस के स्टाफ ने फिर से 102 हेल्पलाइन से एंबुलेंस बुक कराने के नियम की जानकारी दी। आरोप है कि इस बात से नाराज लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी पिटाई कर दी। उधर, एंबुलेंस संचालक कंपनी ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि पीड़ित कर्मचारी ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से एमएलसी कराकर दिल्ली पुलिस को आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है।
दरअसल, दल्लूपुरा गांव निवासी 60 वर्षीय शिवचरन सांस लेने में तकलीफ के चलते लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भर्ती हुए थे, जहां से मरीज को लोकनायक अस्पताल और जीबी पंत के लिए रेफर किया गया था। कॉल मिलने के बाद कैट्स एंबुलेंस लेकर दिलीप पहुंचे। एंबुलेंस में बतौर पैरामेडिकल स्टॉफ दिलीप ने बताया कि जीबी पंत पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी में आकर दिखाने की सलाह दी। इस पर मरीज के परिजनों ने एतराज जताया तो डॉक्टरों ने लोकनायक अस्पताल जाने को कहा। लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जब मरीज को ले जाया गया तो यहां के डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाने को कहा। साथ ही परिजनों से एंबुलेंस कर्मचारी को अंदर बुलाया। कर्मचारी ने सफदरजंग अस्पताल ले जाने की बात पर कहा कि अब परिजनों को दोबारा 102 हेल्पलाइन पर कॉल करना होगा। कंपनी का नियम है कि एक बार जिस अस्पताल तक की कॉल दर्ज की जाती है, वहीं तक सुविधा दे सकते हैं। आरोप है कि इस बात से नाराज डॉक्टर कर्मचारी को खींचकर विभाग के बाहर ले गए। इसके बाद दिलीप की पिटाई कर दी। पीड़ित दिलीप का कहना है कि इस दौरान उसे चोटें आई हैं। इस मामले में अस्पताल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध कराने वाली बीवीजी कंपनी की अधिकारी निवेदिता का कहना है कि इस बाबत उनकी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात हो गई है। उन्होंने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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यूनियन खफा, लोकनायक में हर दिन हो रही घटनाएं
इस घटना को लेकर कैट्स यूनियन लोकनायक अस्पताल के डॉक्टरों से खफा है। आरोप है कि यहां आएदिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। मरीजों को भर्ती नहीं करते हैं और एंबुलेंस को कभी एम्स तो कभी सफदरजंग अस्पताल दौड़ा देते हैं। जबकि सांस लेने में तकलीफ होने की परेशानी का इलाज लोकनायक अस्पताल में भी होता है। यूनियन का कहना है कि डॉक्टरों की इस मनमानी के खिलाफ पुलिस और संबंधित अस्पताल को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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