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रजिस्ट्री के बाद भी प्राधिकरण नहीं दे रहा पजेशन
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:36 PM IST
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रजिस्ट्री के बाद भी प्राधिकरण नहीं दे रहा पजेशन
तीन माह से प्राधिकरण के चक्कर काट रहा आवंटी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बिल्डरों की तरह ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी आवंटियों को समय पर पजेशन नहीं दे रहा। रजिस्ट्री से एक माह में पजेशन नहीं लेने पर प्राधिकरण ही आवंटियों से पेनल्टी लेने लगता है। वहीं अब प्राधिकरण ही तीन माह से आवंटी को चक्कर कटवा रहा है।
आवंटी अविनाश कुमार जायसवाल ने बताया कि 2010 में 2000 फ्लैटों की योजना आई थी। 2012 में पजेशन मिलना था। जमीन विवाद में प्रोजेक्ट फंस गया और प्राधिकरण पजेशन नहीं दे सका। लंबी कोशिशों के बाद प्राधिकरण ने 2016 में आवंटियों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया। कुछ को फ्लैट व कुछ को प्लॉट देने का निर्णय हुआ। फ्लैट व प्लॉट के लिए ड्रा किया गया।
करीब 165 आवंटियों को सेक्टर ओमीक्रॉन में प्लॉट दे रहा है। उसे भी वहीं पर प्लॉट मिला, जिसकी करीब तीन माह पहले रजिस्ट्री हो गई। प्राधिकरण की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि रजिस्ट्री के बाद एक माह में पजेशन न मिलने पर आवंटी से पेनल्टी ली जाएगी। तीन माह बाद भी खुद ही पजेशन नहीं दे पा रहा। प्राधिकरण जाने पर एक-दो दिन में पजेशन की बात कह दी जाती है। इससे वह बहुत परेशान है। हालांकि अब प्राधिकरण के एसीईओ बीके त्रिपाठी ने जल्द पजेशन दिलाने का आश्वासन दिया है।
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तीन माह से प्राधिकरण के चक्कर काट रहा आवंटी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बिल्डरों की तरह ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी आवंटियों को समय पर पजेशन नहीं दे रहा। रजिस्ट्री से एक माह में पजेशन नहीं लेने पर प्राधिकरण ही आवंटियों से पेनल्टी लेने लगता है। वहीं अब प्राधिकरण ही तीन माह से आवंटी को चक्कर कटवा रहा है।
आवंटी अविनाश कुमार जायसवाल ने बताया कि 2010 में 2000 फ्लैटों की योजना आई थी। 2012 में पजेशन मिलना था। जमीन विवाद में प्रोजेक्ट फंस गया और प्राधिकरण पजेशन नहीं दे सका। लंबी कोशिशों के बाद प्राधिकरण ने 2016 में आवंटियों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया। कुछ को फ्लैट व कुछ को प्लॉट देने का निर्णय हुआ। फ्लैट व प्लॉट के लिए ड्रा किया गया।
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करीब 165 आवंटियों को सेक्टर ओमीक्रॉन में प्लॉट दे रहा है। उसे भी वहीं पर प्लॉट मिला, जिसकी करीब तीन माह पहले रजिस्ट्री हो गई। प्राधिकरण की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि रजिस्ट्री के बाद एक माह में पजेशन न मिलने पर आवंटी से पेनल्टी ली जाएगी। तीन माह बाद भी खुद ही पजेशन नहीं दे पा रहा। प्राधिकरण जाने पर एक-दो दिन में पजेशन की बात कह दी जाती है। इससे वह बहुत परेशान है। हालांकि अब प्राधिकरण के एसीईओ बीके त्रिपाठी ने जल्द पजेशन दिलाने का आश्वासन दिया है।
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