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एमसीआई के विरोध में संसद मार्च तक निकाली रैली
Updated Mon, 20 Aug 2018 07:40 PM IST
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एमसीआई के विरोध में निकाली रैली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । मेडिकल कॉलेजों में बतौर शिक्षक के रुप में नियुक्त होने की मांग को लेकर एमएससी मेडिकल साइंस और पीएचडी के प्रतिभागियों ने सोमवार को संसद मार्ग तक रैली निकाली। आरोप है कि पांच माह से बार-बार स्वास्थ्य मंत्रालय से अपील करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनका कहना है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने एमएससी मेडिकल साइंस और पीएचडी प्रतिभागियों को कॉलेज में बतौर शिक्षक के रुप में नियुक्त करने पर आपत्ति जताई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीधर राव बताते हैं कि मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल विषयों को पढ़ाने के लिए 70 प्रतिशत डॉक्टरों और 30 प्रतिशत एमएससी मेडिकल के प्रतिभागियों को मौका दिया जाता था। लेकिन हाल ही में एमएसीआई ने इसे कम करके 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। इससे न सिर्फ आने वाले समय में इन विषयों के प्रतिभागियों को नौकरियां नहीं मिलेंगी, वहीं पहले से नियुक्त शिक्षकों पर भी निकाले जाने की तलवार लटकने लगी है।
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एमसीआई के विरोध में निकाली रैली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । मेडिकल कॉलेजों में बतौर शिक्षक के रुप में नियुक्त होने की मांग को लेकर एमएससी मेडिकल साइंस और पीएचडी के प्रतिभागियों ने सोमवार को संसद मार्ग तक रैली निकाली। आरोप है कि पांच माह से बार-बार स्वास्थ्य मंत्रालय से अपील करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनका कहना है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने एमएससी मेडिकल साइंस और पीएचडी प्रतिभागियों को कॉलेज में बतौर शिक्षक के रुप में नियुक्त करने पर आपत्ति जताई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीधर राव बताते हैं कि मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल विषयों को पढ़ाने के लिए 70 प्रतिशत डॉक्टरों और 30 प्रतिशत एमएससी मेडिकल के प्रतिभागियों को मौका दिया जाता था। लेकिन हाल ही में एमएसीआई ने इसे कम करके 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। इससे न सिर्फ आने वाले समय में इन विषयों के प्रतिभागियों को नौकरियां नहीं मिलेंगी, वहीं पहले से नियुक्त शिक्षकों पर भी निकाले जाने की तलवार लटकने लगी है।
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