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दो बच्चों के डूबने के मामले में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
Updated Fri, 10 Aug 2018 08:36 PM IST
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हेडिंग: दो बच्चों की डूबने से मौत मामले में कलेक्ट्रेट का घेराव
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिजन को मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बोटिंग पूल में दो बच्चों के डूबने के मामले में पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग को लेकर घोड़ी बछेड़ा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान प्राधिकरण और बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की। अपर जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को दो दिन में मांगों को पूरा कराने के लिए समय मांगा है।
किसान संघर्ष समिति समेत कई अन्य संगठनों के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्राधिकरण व बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, परिवार के लोगों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों से एसडीएम राजपाल सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट गुंजा सिंह ने गेट से हटने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। बाद में अपर जिलाधिकारी दिवाकर सिंह ने धरने के बीच पहुंचकर दो दिन का समय मांगा। इस दौरान सूबेदार रमेश रावल, समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी, रामदेव रावल, मेहंदी हसन, बार के अध्यक्ष राजीव तौंगड, देवेंद्र रावल, कपिल गुर्जर, अजब सिंह प्रधान, अतुल शर्मा, विजेंद्र प्रधान, राजेंद्र पल्ला समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
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दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिजन को मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। बोटिंग पूल में दो बच्चों के डूबने के मामले में पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग को लेकर घोड़ी बछेड़ा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान प्राधिकरण और बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की। अपर जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को दो दिन में मांगों को पूरा कराने के लिए समय मांगा है।
किसान संघर्ष समिति समेत कई अन्य संगठनों के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्राधिकरण व बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, परिवार के लोगों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों से एसडीएम राजपाल सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट गुंजा सिंह ने गेट से हटने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। बाद में अपर जिलाधिकारी दिवाकर सिंह ने धरने के बीच पहुंचकर दो दिन का समय मांगा। इस दौरान सूबेदार रमेश रावल, समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी, रामदेव रावल, मेहंदी हसन, बार के अध्यक्ष राजीव तौंगड, देवेंद्र रावल, कपिल गुर्जर, अजब सिंह प्रधान, अतुल शर्मा, विजेंद्र प्रधान, राजेंद्र पल्ला समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
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