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विश्वविद्यालयों में 2019 से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:52 PM IST
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शिक्षकों व छात्रों के लिए प्रतियोगिता आधारित रिसर्च
- यूजीसी ने गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट कुलपतियों को भेजा, विश्वविद्यालयों में 2019 से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 2019 सत्र से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। अब शिक्षक और छात्र प्रतियोगिता के माध्यम से रिसर्च पर फोकस करेंगे। दरअसल यूजीसी ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट तैयार करते हुए कुलपतियों के साथ शेयर किया है। खास बात यह है कि अब उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने आस-पास के कॉलेजों और स्कूलों का मेंटर बनकर छात्रों को पढ़ाई में सहायता करनी होगी। यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट शेयर किया है। केंद्र सरकार के साथ जुलाई महीने में नौ सौ विश्वविद्यालयों के कुलपति और डायरेक्टर के साथ बैठक हुई थी। इसमें गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद सुझावों व सहमति के आधार पर ड्रॉफ्ट तैयार किया गया है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में 2019 सत्र से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम लागू होगा। इसमें परीक्षा प्रारूप बदलने के साथ, छात्र ने कितना समझा और शिक्षकों ने किस विषय में कितना पढ़ाया आदि का क्राइटीरिया तय रहेगा। नए शिक्षक भर्ती के बाद उन्हें वार्षिक रिफ्रेशर ट्रेनिंग करनी होगी। सभी शिक्षकों को स्वयं के तहत ऑनलाइन कोर्स में रजिस्टर्ड करवाना पड़ेगा। इसके अलावा उन्नत भारत अभियान के तहत पांच गांव को गोद लेकर सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा।
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- यूजीसी ने गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट कुलपतियों को भेजा, विश्वविद्यालयों में 2019 से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 2019 सत्र से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। अब शिक्षक और छात्र प्रतियोगिता के माध्यम से रिसर्च पर फोकस करेंगे। दरअसल यूजीसी ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट तैयार करते हुए कुलपतियों के साथ शेयर किया है। खास बात यह है कि अब उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने आस-पास के कॉलेजों और स्कूलों का मेंटर बनकर छात्रों को पढ़ाई में सहायता करनी होगी। यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने का ड्रॉफ्ट शेयर किया है। केंद्र सरकार के साथ जुलाई महीने में नौ सौ विश्वविद्यालयों के कुलपति और डायरेक्टर के साथ बैठक हुई थी। इसमें गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद सुझावों व सहमति के आधार पर ड्रॉफ्ट तैयार किया गया है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में 2019 सत्र से लर्निंग आउटकम पर आधारित पाठ्यक्रम लागू होगा। इसमें परीक्षा प्रारूप बदलने के साथ, छात्र ने कितना समझा और शिक्षकों ने किस विषय में कितना पढ़ाया आदि का क्राइटीरिया तय रहेगा। नए शिक्षक भर्ती के बाद उन्हें वार्षिक रिफ्रेशर ट्रेनिंग करनी होगी। सभी शिक्षकों को स्वयं के तहत ऑनलाइन कोर्स में रजिस्टर्ड करवाना पड़ेगा। इसके अलावा उन्नत भारत अभियान के तहत पांच गांव को गोद लेकर सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा।