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नोटिफाई सड़कों पर व्यवसाय करने वालों से कन्वर्जन शुल्क नहीं लिया जाएगा
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:40 PM IST
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10 साल तक कंवर्जन शुल्क दिया है तो अब नहीं देना होगा
नोटिफाई सड़कों पर व्यवसाय करने वालों को उत्तरी नगर निगम ने दी राहत
दस साल तक लगातार कंवर्जन शुल्क नहीं वालों को 28 सितंबर तक मौका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने नोटिफाइड सड़कों पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कंवर्जन शुल्क में बड़ी राहत देने की घोषणा की है। जिन व्यापारियों ने लगातार 10 वर्षों तक कंवर्जन शुल्क जमा कराया है, उन्हें अब उस संपत्ति का कंवर्जन शुल्क नहीं देना होगा। जिन्होंने 10 साल तक बकाया शुल्क नहीं दिया है उन्हें राहत देते हुए 28 सितंबर तक का वक्त दिया है। हालांकि उन्हें प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देना होगा।
उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष विरमानी ने बताया कि अब वार्षिक शुल्क जमा कराने की पद्धति खत्म कर दी गई है। एकमुश्त कंवर्जन शुल्क ही व्यापारी जमा करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पार्किंग चार्ज व्यावसायिक क्षेत्र के अनुसार लिया जाएगा। रिहायशी उपयोग वाले क्षेत्र जिन्हें बाद में व्यावसायिक उपयोग में लिया गया है, उन्हें भी राहत दी गई है। अब उनका कंवर्जन शुल्क संपत्ति कर श्रेणी के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीकरण के बगैर मिश्रित उपयोग होने वाली संपत्ति पाए जाने पर लागू शुल्कों के अतिरिक्त एकमुश्त कंवर्जन शुल्क की 1.5 गुणा राशि भी जुर्माने के रूप में देनी होगी।
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नोटिफाई सड़कों पर व्यवसाय करने वालों को उत्तरी नगर निगम ने दी राहत
दस साल तक लगातार कंवर्जन शुल्क नहीं वालों को 28 सितंबर तक मौका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने नोटिफाइड सड़कों पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कंवर्जन शुल्क में बड़ी राहत देने की घोषणा की है। जिन व्यापारियों ने लगातार 10 वर्षों तक कंवर्जन शुल्क जमा कराया है, उन्हें अब उस संपत्ति का कंवर्जन शुल्क नहीं देना होगा। जिन्होंने 10 साल तक बकाया शुल्क नहीं दिया है उन्हें राहत देते हुए 28 सितंबर तक का वक्त दिया है। हालांकि उन्हें प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देना होगा।
उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष विरमानी ने बताया कि अब वार्षिक शुल्क जमा कराने की पद्धति खत्म कर दी गई है। एकमुश्त कंवर्जन शुल्क ही व्यापारी जमा करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पार्किंग चार्ज व्यावसायिक क्षेत्र के अनुसार लिया जाएगा। रिहायशी उपयोग वाले क्षेत्र जिन्हें बाद में व्यावसायिक उपयोग में लिया गया है, उन्हें भी राहत दी गई है। अब उनका कंवर्जन शुल्क संपत्ति कर श्रेणी के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीकरण के बगैर मिश्रित उपयोग होने वाली संपत्ति पाए जाने पर लागू शुल्कों के अतिरिक्त एकमुश्त कंवर्जन शुल्क की 1.5 गुणा राशि भी जुर्माने के रूप में देनी होगी।
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