{"_id":"5b5df14d4f1c1bee748b6a94","slug":"153288327216-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दक्षिणी दिल्ली एमसीडी स्कूलों में मेगा पीटीएम संपन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दक्षिणी दिल्ली एमसीडी स्कूलों में मेगा पीटीएम संपन्न
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिभावकों ने शिक्षकों से
जानी बच्चों की प्रगति
दक्षिणी दिल्ली एमसीडी स्कूलों में मेगा पीटीएम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के 581 स्कूलों में मेगा पीटीएम हुई। इसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों की भागीदारी दिखी। उन्होंने बच्चों के शैक्षिक और समग्र विकास को लेकर शिक्षकों से बातचीत की। समाज के कमजोर वर्ग से आए अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों के शैक्षिक विकास पर बल दिया।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों को छात्रों को मिलने वाली स्कूल ड्रेस, स्टेशनरी, पुस्तकों, कॉपियों के संबंध में विस्तार से बताया। सुकन्या योजना, बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन, मिड-डे-मील और बच्चों के मानसिक विकास के प्रयासों की भी जानकारी दी। अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों की कठिनाइयों, खामियों के बारे में बात कर उन्हें बुद्धिमान बनने की प्रेरणा दें। शिक्षकों ने कहा कि वे बच्चों को समय का पाबंद बनने की घर में सीख दें और उन्हें हतोत्साहित न करें। उनकी आलोचना करने से भी बचें। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल के बाहर मिलावटी वस्तुएं बेचने वालों और असामाजिक तत्वों को दूर रखा जाना चाहिए। मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर नजर रखना भी जरूरी है।
मेयर नरेंद्र चावला ने बताया कि अभिभावकों से मिले सुझाव पर एक कार्ययोजना बनाई जाएगी और इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में अलग-अलग पीटीएम के समय अभिभावकों की भागीदारी कभी 40 फीसदी से अधिक नहीं रही। मेगा पीटीएम में अभिभावकों की भागीदारी 75 फीसदी तक पहुंच गई है। शिक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. नंदिनी शर्मा ने कहा कि पीटीएम के परिणाम शिक्षा के तौर-तरीकों को बेहतर बनाने में मददगार होंगे। स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने कहा कि एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे तीन लाख बच्चों का बेहतर विकास होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानी बच्चों की प्रगति
दक्षिणी दिल्ली एमसीडी स्कूलों में मेगा पीटीएम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के 581 स्कूलों में मेगा पीटीएम हुई। इसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों की भागीदारी दिखी। उन्होंने बच्चों के शैक्षिक और समग्र विकास को लेकर शिक्षकों से बातचीत की। समाज के कमजोर वर्ग से आए अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों के शैक्षिक विकास पर बल दिया।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों को छात्रों को मिलने वाली स्कूल ड्रेस, स्टेशनरी, पुस्तकों, कॉपियों के संबंध में विस्तार से बताया। सुकन्या योजना, बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन, मिड-डे-मील और बच्चों के मानसिक विकास के प्रयासों की भी जानकारी दी। अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों की कठिनाइयों, खामियों के बारे में बात कर उन्हें बुद्धिमान बनने की प्रेरणा दें। शिक्षकों ने कहा कि वे बच्चों को समय का पाबंद बनने की घर में सीख दें और उन्हें हतोत्साहित न करें। उनकी आलोचना करने से भी बचें। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल के बाहर मिलावटी वस्तुएं बेचने वालों और असामाजिक तत्वों को दूर रखा जाना चाहिए। मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर नजर रखना भी जरूरी है।
विज्ञापन
मेयर नरेंद्र चावला ने बताया कि अभिभावकों से मिले सुझाव पर एक कार्ययोजना बनाई जाएगी और इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में अलग-अलग पीटीएम के समय अभिभावकों की भागीदारी कभी 40 फीसदी से अधिक नहीं रही। मेगा पीटीएम में अभिभावकों की भागीदारी 75 फीसदी तक पहुंच गई है। शिक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. नंदिनी शर्मा ने कहा कि पीटीएम के परिणाम शिक्षा के तौर-तरीकों को बेहतर बनाने में मददगार होंगे। स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने कहा कि एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे तीन लाख बच्चों का बेहतर विकास होगा।
विज्ञापन