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Noida News: जिम्स में उपचार के साथ पुनर्वास सुविधा मिलेगी
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एडवांस्ड फिजियोथेरेपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी रिहैबिलिटेशन यूनिट स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में मरीजों को उपचार के साथ बेहतर पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एडवांस्ड फिजियोथेरेपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी रिहैबिलिटेशन यूनिट स्थापित की गई है। आधुनिक तकनीक से लैस यह यूनिट चोट, सर्जरी और विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के बाद मरीजों की शारीरिक क्षमता, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और दैनिक गतिविधियों को बेहतर करने में मददगार होगी।
जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि यूनिट में हाई-एनर्जी इंडक्टिव थेरेपी, हाई-पावर लेजर थेरेपी, इंटरमिटेंट कंप्रेशन थेरेपी तथा कंप्यूटरीकृत बैलेंस इवैल्यूएशन एंड ट्रेनिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन तकनीकों का इस्तेमाल मरीज की आवश्यकता के अनुसार संरचित पुनर्वास प्रक्रिया में किया जा सकता है। इससे उपचार के बाद मरीजों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे बेहतर करने में सहायता मिलेगी। यह सुविधा खास तौर पर मस्कुलोस्केलेटल, न्यूरोलॉजिकल और खेल संबंधी चोटों से प्रभावित मरीजों के लिए उपयोगी होगी।
स्पोर्ट्स इंजरी के मामलों में चोट के बाद शरीर की ताकत, लचीलापन, संतुलन और मूवमेंट को सामान्य स्थिति में लाने के लिए फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद भी व्यवस्थित पुनर्वास मरीज की रिकवरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होता है। जिम्स के ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष व प्रो. डॉ. विकास सक्सेना का कहना है कि इस यूनिट के माध्यम से फ्रैक्चर और अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के उपचार के साथ स्पोर्ट्स इंजरी, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास सेवाओं के समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। नई यूनिट को ऑर्थोपेडिक्स सहित संबंधित क्लिनिकल विभागों की सेवाओं से जोड़कर मरीजों को उपचार के बाद आवश्यक पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में मरीजों को उपचार के साथ बेहतर पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एडवांस्ड फिजियोथेरेपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी रिहैबिलिटेशन यूनिट स्थापित की गई है। आधुनिक तकनीक से लैस यह यूनिट चोट, सर्जरी और विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के बाद मरीजों की शारीरिक क्षमता, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और दैनिक गतिविधियों को बेहतर करने में मददगार होगी।
जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि यूनिट में हाई-एनर्जी इंडक्टिव थेरेपी, हाई-पावर लेजर थेरेपी, इंटरमिटेंट कंप्रेशन थेरेपी तथा कंप्यूटरीकृत बैलेंस इवैल्यूएशन एंड ट्रेनिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन तकनीकों का इस्तेमाल मरीज की आवश्यकता के अनुसार संरचित पुनर्वास प्रक्रिया में किया जा सकता है। इससे उपचार के बाद मरीजों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे बेहतर करने में सहायता मिलेगी। यह सुविधा खास तौर पर मस्कुलोस्केलेटल, न्यूरोलॉजिकल और खेल संबंधी चोटों से प्रभावित मरीजों के लिए उपयोगी होगी।
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स्पोर्ट्स इंजरी के मामलों में चोट के बाद शरीर की ताकत, लचीलापन, संतुलन और मूवमेंट को सामान्य स्थिति में लाने के लिए फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद भी व्यवस्थित पुनर्वास मरीज की रिकवरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होता है। जिम्स के ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष व प्रो. डॉ. विकास सक्सेना का कहना है कि इस यूनिट के माध्यम से फ्रैक्चर और अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के उपचार के साथ स्पोर्ट्स इंजरी, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास सेवाओं के समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। नई यूनिट को ऑर्थोपेडिक्स सहित संबंधित क्लिनिकल विभागों की सेवाओं से जोड़कर मरीजों को उपचार के बाद आवश्यक पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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