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सरकार को सदबुद्घि दिलाने के लिए बापू की शरण में डॉक्टर
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:24 PM IST
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सरकार को सद्बुद्घि के लिए
बापू की शरण में डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर में डॉक्टरों पर अत्याचार मसले पर सरकार के सुस्त रवैये के खिलाफ रविवार को डॉक्टर शांति मार्च निकालकर राजघाट पहुंचे। डॉक्टरों ने महात्मा गांधी को याद करते हुए सरकार को सद्बुद्घि देने की प्रार्थना की। रेजीडेंट डॉक्टरों ने मांगों को अब तक पूरा न किए जाने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान मेडिकल क्षेत्र को लेकर लंबे-चौड़े वादे किए थे। उनकी सरकार बनने के बाद हर बार डॉक्टर उनके पास समस्याएं लेकर पहुंचते रहे, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के मनमानी फीस वसूलने के कारण मेडिकल विद्यार्थी आत्महत्या कर रहे हैं। डॉक्टरों को अपने अधिकार के लिए सरकार के आगे भीख मांगनी पड़ रही है। जब बात मरीजों की सेवा की आती है तो सरकार कम संसाधनों में डॉक्टरों पर इलाज करने का जोर देती है। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के दौरान विभिन्न अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के 300 से ज्यादा डॉक्टर व मेडिकल विद्यार्थी मौजूद रहे।
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बापू की शरण में डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर में डॉक्टरों पर अत्याचार मसले पर सरकार के सुस्त रवैये के खिलाफ रविवार को डॉक्टर शांति मार्च निकालकर राजघाट पहुंचे। डॉक्टरों ने महात्मा गांधी को याद करते हुए सरकार को सद्बुद्घि देने की प्रार्थना की। रेजीडेंट डॉक्टरों ने मांगों को अब तक पूरा न किए जाने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान मेडिकल क्षेत्र को लेकर लंबे-चौड़े वादे किए थे। उनकी सरकार बनने के बाद हर बार डॉक्टर उनके पास समस्याएं लेकर पहुंचते रहे, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के मनमानी फीस वसूलने के कारण मेडिकल विद्यार्थी आत्महत्या कर रहे हैं। डॉक्टरों को अपने अधिकार के लिए सरकार के आगे भीख मांगनी पड़ रही है। जब बात मरीजों की सेवा की आती है तो सरकार कम संसाधनों में डॉक्टरों पर इलाज करने का जोर देती है। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के दौरान विभिन्न अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के 300 से ज्यादा डॉक्टर व मेडिकल विद्यार्थी मौजूद रहे।
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