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शाहबेरी में अवैध बिल्डिंग तोडने की मियाद पूरी
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:32 PM IST
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शाहबेरी में अवैध बिल्डिंग तोड़ने की मियाद पूरी
- बिल्डर ने एक भी बिल्डिंग नहीं गिराई, कार्रवाई पर जल्द हो सकता है फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में अवैध बिल्डिंगों पर नोटिस चस्पा करते हुए सात दिन में ढहाने को कहा गया था। यह अवधि तो पूरी हो गई है, लेकिन अभी तक एक भी बिल्डर ने बिल्डिंग नहीं गिराई है। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण इस मामले में जल्द निर्णय लेने की बात कह रहा है।
शाहबेरी में 17 जुलाई की रात दो इमारतें गिर गई थीं। इसके बाद ग्रेनो प्राधिकरण ने यहां की इमारतों का सर्वे कराना शुरू कर दिया। जिसके बाद 46 बिल्डिंगों के बिल्डरों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर इमारतों को गिराने को कहा गया था। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि बिल्डर के इमारत नहीं गिराने की सूरत में प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। जिसका खर्च बिल्डर से वसूला जाएगा। हालांकि प्राधिकरण के इस नोटिस को बिल्डरों ने गंभीरता से नहीं लिया है। प्राधिकरण ने मैसर्स जेपीएच बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की छह मंजिला इमारत सहित कुल 46 को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार शाम को इसकी मियाद पूरी हो गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिल्डरों ने कोई निर्माण नहीं हटाया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ बीके त्रिपाठी का कहना है कि शाहबेरी में बिल्डरों को दिए गए नोटिस की मियाद पूरी हो गई है। आगे की कार्रवाई के लिए जल्द फैसला लिया जाएगा। इसकी जानकारी दी जाएगी।
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वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहबेरी में बनी इमारतों के बीच दूरी बहुत कम है। अगर कोई इमारत गिराई जाती है तो दूसरी इमारत पर भी खतरा मंडरा सकता है। ऐसे में यहां पर कार्रवाई करना कठिन साबित हो सकता है।
मंत्री जय प्रताप सिंह ने ली शाहबेरी मामले की जानकारी
ग्रेटर नोएडा। जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को जीबीयू में पार्टी प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों के साथ भी बैठक की, जिसमें उन्होंने शाहबेरी सहित अन्य जगहों पर बिल्डिंग गिरने के हादसों की जानकारी ली। उनमें दोषियों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने वालों से सख्ती से निपटने को कहा। ब्यूरो
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- बिल्डर ने एक भी बिल्डिंग नहीं गिराई, कार्रवाई पर जल्द हो सकता है फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में अवैध बिल्डिंगों पर नोटिस चस्पा करते हुए सात दिन में ढहाने को कहा गया था। यह अवधि तो पूरी हो गई है, लेकिन अभी तक एक भी बिल्डर ने बिल्डिंग नहीं गिराई है। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण इस मामले में जल्द निर्णय लेने की बात कह रहा है।
शाहबेरी में 17 जुलाई की रात दो इमारतें गिर गई थीं। इसके बाद ग्रेनो प्राधिकरण ने यहां की इमारतों का सर्वे कराना शुरू कर दिया। जिसके बाद 46 बिल्डिंगों के बिल्डरों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर इमारतों को गिराने को कहा गया था। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि बिल्डर के इमारत नहीं गिराने की सूरत में प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। जिसका खर्च बिल्डर से वसूला जाएगा। हालांकि प्राधिकरण के इस नोटिस को बिल्डरों ने गंभीरता से नहीं लिया है। प्राधिकरण ने मैसर्स जेपीएच बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की छह मंजिला इमारत सहित कुल 46 को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार शाम को इसकी मियाद पूरी हो गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिल्डरों ने कोई निर्माण नहीं हटाया।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ बीके त्रिपाठी का कहना है कि शाहबेरी में बिल्डरों को दिए गए नोटिस की मियाद पूरी हो गई है। आगे की कार्रवाई के लिए जल्द फैसला लिया जाएगा। इसकी जानकारी दी जाएगी।
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वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहबेरी में बनी इमारतों के बीच दूरी बहुत कम है। अगर कोई इमारत गिराई जाती है तो दूसरी इमारत पर भी खतरा मंडरा सकता है। ऐसे में यहां पर कार्रवाई करना कठिन साबित हो सकता है।
मंत्री जय प्रताप सिंह ने ली शाहबेरी मामले की जानकारी
ग्रेटर नोएडा। जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को जीबीयू में पार्टी प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों के साथ भी बैठक की, जिसमें उन्होंने शाहबेरी सहित अन्य जगहों पर बिल्डिंग गिरने के हादसों की जानकारी ली। उनमें दोषियों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने वालों से सख्ती से निपटने को कहा। ब्यूरो