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चुनावी खर्च
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:40 AM IST
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चुनावी खर्च की याचिका पर केंद्र व चुनाव आयोग को नोटिस
नई दिल्ली। सियासी दलों के उम्मीदवार व निर्दलीय के चुनावी खर्च के आंकलन में भेदभाव के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस याचिका में भेदभाव करने वाले इस कानूनी प्रावधान को खत्म करने की मांग की गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र व चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस याचिका पर सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। पेश याचिका में अधिवक्ता अमित साहनी ने कहा है जन प्रतिनिधि कानून की धारा 77 में सियासी दलों के उम्मीदवार पर पार्टी की ओर से किए गए खर्च की कोई सीमा नहीं है जबकि निर्दलीय को यह लाभ प्राप्त नहीं है। याचिका पर सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई होगी। याचिका में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय व चुनाव आयोग को भी पक्षकार बनाया गया है।
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नई दिल्ली। सियासी दलों के उम्मीदवार व निर्दलीय के चुनावी खर्च के आंकलन में भेदभाव के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस याचिका में भेदभाव करने वाले इस कानूनी प्रावधान को खत्म करने की मांग की गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र व चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस याचिका पर सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। पेश याचिका में अधिवक्ता अमित साहनी ने कहा है जन प्रतिनिधि कानून की धारा 77 में सियासी दलों के उम्मीदवार पर पार्टी की ओर से किए गए खर्च की कोई सीमा नहीं है जबकि निर्दलीय को यह लाभ प्राप्त नहीं है। याचिका पर सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई होगी। याचिका में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय व चुनाव आयोग को भी पक्षकार बनाया गया है।
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