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अधिसूचित क्षेत्र में कालोनाइजरों ने प्लॉट काटकर बसा दी हैं अवैध कालोनियां
Updated Sun, 22 Jul 2018 08:24 PM IST
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अधिसूचित क्षेत्र में प्लॉट काटकर बसा दी अवैध कालोनियां
- 10 स्थान पर बन चुकी हैं बहुमंजिली इमारतें
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। अधिसूचित क्षेत्र में गांवों के नजदीक आबादी से सटी कृषि की जमीन पर प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजर सक्रिय हैं। अवैध कालोनी में बिल्डर बहुमंजिला इमारतें बना रहे हैं। बिना किसी मानक के इमारतों के बनाए जाने से हादसा होने की आशंका बनी रहती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दस से अधिक स्थानों पर बहुमंजिली इमारतें बना चुके है। अवैध कालोनियां में बिजली के कनेक्शन, सड़कें बनती रही है, जिससे कॉलोनाइजरों को लाभ मिलते रहे हैं। अवैध कालोनियों को रोकने में प्राधिकरण, जिला प्रशासन नाकाम रहा है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र के तहत गांवों में छोड़ी आबादी की जमीन को किसानों ने बिल्डर या कॉलोनाइजरों को बेची जाती रही है। कॉलोनाइजर सौ से पांच सौ वर्ग मीटर की प्लॉट काटते हैं। गांव छपरौला, अच्छेजा, सादोपुर, बादलपुर, दादरी, सादुल्लापुर, वैदपुरा, खेड़ी भनौता, रूपवास, तिलपता, साकीपुर, सूरजपुर, कुलेसरा, भंगेल, बरौला, निठारी में प्लॉटिंग के साथ ही बिल्डर भी तीन साल से सक्रिय हैं। अवैध कॉलोनी तेजी से बस रही है। कुछ स्थानों पर खाली प्लॉटों को बिल्डरों के हाथों बेचे जा चुके हैं। जिस पर बिल्डर मानकों को नजरअंदाज कर बहुमंजिली इमारतें बना रहे हैं। इसमें शाहबेरी के साथ की कुलेसरा, सूरजपुर, बरौला, हरौला भंगेल शामिल हैं।
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- 10 स्थान पर बन चुकी हैं बहुमंजिली इमारतें
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। अधिसूचित क्षेत्र में गांवों के नजदीक आबादी से सटी कृषि की जमीन पर प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजर सक्रिय हैं। अवैध कालोनी में बिल्डर बहुमंजिला इमारतें बना रहे हैं। बिना किसी मानक के इमारतों के बनाए जाने से हादसा होने की आशंका बनी रहती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दस से अधिक स्थानों पर बहुमंजिली इमारतें बना चुके है। अवैध कालोनियां में बिजली के कनेक्शन, सड़कें बनती रही है, जिससे कॉलोनाइजरों को लाभ मिलते रहे हैं। अवैध कालोनियों को रोकने में प्राधिकरण, जिला प्रशासन नाकाम रहा है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र के तहत गांवों में छोड़ी आबादी की जमीन को किसानों ने बिल्डर या कॉलोनाइजरों को बेची जाती रही है। कॉलोनाइजर सौ से पांच सौ वर्ग मीटर की प्लॉट काटते हैं। गांव छपरौला, अच्छेजा, सादोपुर, बादलपुर, दादरी, सादुल्लापुर, वैदपुरा, खेड़ी भनौता, रूपवास, तिलपता, साकीपुर, सूरजपुर, कुलेसरा, भंगेल, बरौला, निठारी में प्लॉटिंग के साथ ही बिल्डर भी तीन साल से सक्रिय हैं। अवैध कॉलोनी तेजी से बस रही है। कुछ स्थानों पर खाली प्लॉटों को बिल्डरों के हाथों बेचे जा चुके हैं। जिस पर बिल्डर मानकों को नजरअंदाज कर बहुमंजिली इमारतें बना रहे हैं। इसमें शाहबेरी के साथ की कुलेसरा, सूरजपुर, बरौला, हरौला भंगेल शामिल हैं।
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