{"_id":"5b5376164f1c1bc57a8b5b69","slug":"15321963706-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालयों को पूर्नमूल्यांकन की गाइडलाइन बनानी होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालयों को पूर्नमूल्यांकन की गाइडलाइन बनानी होगी
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्वविद्यालयों को बनानी होगी पुनर्मूल्यांकन की गाइड लाइंस
नई दिल्ली। देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की गाइड लाइंस बनानी होगी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को इस संबंध में नियम लागू करने का निर्देश जारी किया है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस संबंध में छात्रों को विस्तार से जानकारी भी देनी होगी।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से शनिवार को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिखा गया। कुलपति और प्रिंसिपल के नाम जारी पत्र में लिखा है कि सेंट्रल इंफोर्मेशन कमीशन (सीआईसी) ने पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस संबंध में निर्देश जारी किया था। यूजीसी ने कुलपति व रजिस्ट्रार से उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की गाइड लाइंस लागू करने को कहा है, क्योंकि यह छात्रों का अधिकार है। इसके अलावा इससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी। छात्रों को जानकारी रहेगी कि पुनर्मूल्यांकन कैसे किया जाता है। ब्यूरो
विज्ञापन
नई दिल्ली। देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की गाइड लाइंस बनानी होगी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को इस संबंध में नियम लागू करने का निर्देश जारी किया है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस संबंध में छात्रों को विस्तार से जानकारी भी देनी होगी।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से शनिवार को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिखा गया। कुलपति और प्रिंसिपल के नाम जारी पत्र में लिखा है कि सेंट्रल इंफोर्मेशन कमीशन (सीआईसी) ने पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस संबंध में निर्देश जारी किया था। यूजीसी ने कुलपति व रजिस्ट्रार से उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की गाइड लाइंस लागू करने को कहा है, क्योंकि यह छात्रों का अधिकार है। इसके अलावा इससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी। छात्रों को जानकारी रहेगी कि पुनर्मूल्यांकन कैसे किया जाता है। ब्यूरो
विज्ञापन